पंजाब दस्तक ब्यूरो / मीनाक्षी
शिमला/अर्की:
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के अर्की विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान क्षेत्र को 34 करोड़ 46 लाख रुपये की सात प्रमुख विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक राज्य स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की लचर कार्यप्रणाली और उपेक्षा के कारण हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश भर में पिछड़कर 21वें स्थान पर पहुंच गया था। सत्ता में आने के बाद वर्तमान सरकार ने सबसे पहले सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे सामान्य व गरीब परिवारों के बच्चों की स्थिति का अध्ययन किया और व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव किए। ठोस नीतिगत फैसलों के दम पर आज हिमाचल लंबी छलांग लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर 5वें पायदान पर पहुंच चुका है।
सीबीएसई स्कूलों में 2,000 और पदों पर भर्ती जल्द
मुख्यमंत्री ने एलान किया कि प्रदेश भर के सीबीएसई स्कूलों में अगले तीन माह के भीतर 2,000 योग्य शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने 150 सीबीएसई स्कूल खोलने की शुरुआत की थी, तब विपक्ष ने इसका पुरजोर विरोध किया था। इसके बावजूद सरकार ने अपने फैसले को मजबूती से लागू किया। इन स्कूलों में भर्तियां पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर की जा रही हैं। प्रत्येक संस्थान में 5 से 8 अध्यापकों की तैनाती हो चुकी है तथा शेष पद भी शीघ्र भरे जाएंगे।
भ्रष्टाचार पर नकेल कसकर 3,000 करोड़ की बचत
सीएम ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में लीकेज और फिजूलखर्ची पर सख्त अंकुश लगाकर सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये की बचत की है। इस धनराशि का सीधा उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, स्वास्थ्य, सड़क और शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ बनाने में किया जा रहा है।
अर्की को मिले विकास के नए आयाम
इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण (उद्घाटन):
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, सरयांच: लागत 1.50 करोड़ रुपये।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी का खेल मैदान: लागत 1.02 करोड़ रुपये।
फल एवं सब्जी उपमंडी, कुनिहार: लागत 1.81 करोड़ रुपये (क्षेत्र की 25-30 पंचायतों के किसानों-बागवानों को घर-द्वार पर उपज का वाजिब मूल्य मिलेगा)।
गाड़लाघाट आईएसबीटी बस स्टैंड: लागत 10.17 करोड़ रुपये।
इन कार्यों की रखी आधारशिला (शिलान्यास):
33 केवी जीआईएस विद्युत उपकेंद्र, मांगू: लागत 10.39 करोड़ रुपये।
दानोघाट-शाहजादा-नेरी-प्लाटी संपर्क मार्ग: लागत 7.09 करोड़ रुपये।
सिंती घाट से बांधर एंबुलेंस सड़क: लागत 2.38 करोड़ रुपये।

