काजल (वरिष्ठ पत्रकार), शिमला (पंजाब दस्तक)
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे पार्ट-टाइम वाटर कैरियरों और दिहाड़ीदार चतुर्थ श्रेणी (क्लास-4) कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशालय शिमला ने प्रदेशभर के उपनिदेशकों को अभियान चलाकर पात्र कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
10 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम
निदेशालय की ओर से 5 नवंबर को जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, वर्ष 2026 की निर्धारित पात्रता सूची में आने वाले सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के उपनिदेशकों को 10 नवंबर 2026 तक कागजी कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
सिरमौर जिले से नया प्रस्ताव तलब
समीक्षा के दौरान निदेशालय ने पाया कि सिरमौर जिले से पात्र दिहाड़ीदार कर्मियों का ब्योरा और रिक्त पदों का आंकड़ा समय पर प्राप्त नहीं हुआ था। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सिरमौर के जिला उपनिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपलब्ध खाली पदों और कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) का नया प्रस्ताव तुरंत अलग से भेजें। अधिकारियों की स्वीकृति और पात्रता की जांच के बाद ही सिरमौर के मामलों पर अंतिम फैसला होगा।
शिक्षा जगत, कर्मचारियों, पेंशनरों और पार्ट-टाइम वर्करों से जुड़ी हर 100% सटीक खबर सबसे पहले देखने के लिए सब्सक्राइब करें पंजाब दस्तक और फॉलो करें आपका अपना चैनल सच की आवाज। देखते रहें पंजाब दस्तक।
