हिमाचल RERA की डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

​हिमाचल में रीयल एस्टेट डिफॉल्टरों पर ‘रेरा’ का बड़ा प्रहार: जमीनों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक!

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​प्रदेश भर में 300 से अधिक प्रमोटर और बिल्डर डिफॉल्टर घोषित; जालसाजी और धोखाधड़ी रोकने के लिए जिला अधिकारियों को जारी हुए कड़े आदेश

​विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक, चंडीगढ़ न्यूज़ रूम
​धर्मशाला/शिमला:
हिमाचल प्रदेश में रीयल एस्टेट कारोबार के नाम पर मनमानी करने वालों और खरीदारों के साथ धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों पर ‘रेरा’ (RERA – रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) ने शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। अथॉरिटी ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाते हुए सभी डिफॉल्टरों की जमीनों की खरीद-फरोख्त और नई रजिस्ट्रियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।


​सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी
​रेरा (RERA) के अध्यक्ष आर.डी. धीमान ने हिमाचल प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों (डिप्टी कमिश्नरों) को आधिकारिक आदेश जारी कर इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
​इस आदेश के तहत, जिला प्रशासन के माध्यम से सभी तहसीलों और सब-तहसीलों के राजस्व अधिकारियों को पाबंद किया जाएगा कि जब भी कोई जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे, तो पहले डिफॉल्टरों की सूची से उसका मिलान किया जाए। यदि पक्षकार डिफॉल्टर सूची में शामिल है, तो उसकी रजिस्ट्री किसी भी सूरत में न की जाए।


​क्यों लिया गया यह बड़ा एक्शन? मुख्य बिंदु:
​300 से अधिक डिफॉल्टर चिन्हित: प्रदेश भर में रेरा के नियमों का उल्लंघन करने वाले और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले 300 से अधिक बिल्डर, प्रमोटर और प्रॉपर्टी डीलर डिफॉल्टर घोषित किए जा चुके हैं।
​बिना रजिस्ट्रेशन प्लॉट बेचना: जांच में सामने आया है कि कई बिल्डरों ने रेरा में अनिवार्य पंजीकरण कराए बिना ही अवैध रूप से प्लॉट और फ्लैट बेचे।


​वादे पूरे न करना: लोगों को बुनियादी सुविधाएं जैसे—बिजली, पीने का पानी, सीवरेज कनेक्शन, पक्की सड़कें और पार्किंग आदि देने के लंबे-चौड़े वादे किए गए, लेकिन धरातल पर सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं।
​धोखाधड़ी पर लगाम: इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य आम जनता के खून-पसीने की कमाई को ठगी से बचाना और बिल्डरों को रेरा के तहत पंजीकृत होने के लिए मजबूर करना है।


​आर.डी. धीमान (अध्यक्ष, रेरा) का स्पष्ट संदेश:
“अथॉरिटी के आदेशों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि डिफॉल्टर घोषित व्यक्तियों की जमीनों का हस्तांतरण रोकें। इसका मकसद आम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाना और अथॉरिटी के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना है।”


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