पंजाब डीए एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट का सरकार को भुगतान रोडमैप देने का निर्देश

​डीए (DA) मामले में पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश: कर्मचारियों का हक नहीं रोक सकती सरकार ​31 मार्च 2027 तक का मांगा पूरा प्लान

Spread the love

​सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक, चंडीगढ़ न्यूज़ रूम


​चंडीगढ़/नई दिल्ली:
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और बकाया एरियर से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 3 में बेहद अहम सुनवाई हुई। इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जहां एक तरफ सरकार को कुछ प्रशासनिक राहत दी है, वहीं कर्मचारियों के पक्ष में कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को समय सीमा के भीतर भुगतान की योजना पेश करने का निर्देश दिया है।


​सुप्रीम कोर्ट के मुख्य आदेश और बड़े बिंदु:
​खजाने की दुहाई खारिज: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की वित्तीय तंगी (Financial Implication) का हवाला देकर कर्मचारियों का हक रोकने वाली दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने साफ किया कि सरकार वित्तीय संकट का बहाना बनाकर कर्मचारियों और पेंशनरों का वाजिब हक नहीं दबा सकती।


​मुख्य सचिव के अवमानना मामले पर रोक: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 3 अगस्त के फैसले को लागू न करने पर पंजाब के मुख्य सचिव (Chief Secretary) के खिलाफ चल रही अदालत की अवमानना (Contempt) की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक (Stay) लगा दी है।
​10 दिनों के नोटिस और सख्त कदम पर राहत: हाईकोर्ट द्वारा दिए गए 10 दिनों के नोटिस और योजना पर सरकार को थोड़ी राहत देते हुए अदालत ने निर्देश दिया है कि इस मामले में फिलहाल सरकार के खिलाफ कोई सख्त दंडात्मक कदम न उठाया जाए।


​31 मार्च 2027 तक का मांगा लिखित प्लान: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि 31 मार्च 2027 तक कर्मचारियों का बकाया डीए (DA) और एरियर किस रूप में और कैसे अदा किया जाएगा, इसका पूरा विस्तृत रोडमैप तैयार करे।
​1 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई: पंजाब सरकार को यह पूरा प्लान और विवरण 1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश करना होगा। मामले की अगली सुनवाई भी 1 दिसंबर को ही तय की गई है।


​एडवोकेट सनी सिंगला के साथ सुरेंद्र राणा की विशेष फोन वार्ता
​कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए के इस बड़े मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से लड़ रहे एडवोकेट सनी सिंगला आज विशेष रूप से दिल्ली सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
​सुरेंद्र राणा: “नमस्कार सिंगला जी, मैं सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ ‘पंजाब दस्तक’…”
​एडवोकेट सनी सिंगला: “नमस्कार राणा जी! हां जी राणा जी, मैं आपको जानता हूं सर। आज सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 3 में सरकार और कर्मचारियों की ओर से सुनवाई हुई। अदालत ने यह साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के हक का भुगतान टाला नहीं जा सकता। भले ही मुख्य सचिव को अवमानना कार्रवाई से अंतरिम राहत मिली हो, लेकिन सरकार को 1 दिसंबर तक 31 मार्च 2027 तक के पूरे भुगतान का विस्तृत ब्योरा अदालत के सामने रखना ही होगा।”


​अदालत का यह रुख पंजाब के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। अब सबकी निगाहें 1 दिसंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सरकार को अपना अंतिम रोडमैप पेश करना होगा। राज्य की हर छोटी-बड़ी और सटीक खबर के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *