शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र में पेट्रोल-डीज़ल पर ‘विधवा और अनाथ सेस’ से जुड़ा संशोधन विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। सरकार ने मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम 2005’ में संशोधन करते हुए यह बिल पास किया, लेकिन विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से बिल वापस लेने की मांग की, लेकिन मांग न माने जाने पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश में महंगाई बढ़ेगी और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
सदन के बाहर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर 5 रुपये तक ‘विधवा और अनाथ सेस’ लगाने का फैसला किया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के सभी वाहन चालकों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहले ही पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स दरें काफी अधिक हैं—पेट्रोल पर करीब 17.5 फीसदी और डीज़ल पर लगभग 13.9 फीसदी टैक्स लिया जा रहा है। ऐसे में नया सेस लगाने से प्रदेश में तेल की कीमतें पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से अधिक हो जाएंगी।रणधीर शर्मा ने कहा कि इससे न केवल महंगाई बढ़ेगी बल्कि पेट्रोल-डीज़ल की खपत भी घट सकती है, जिससे सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने यह बिल केवल अपनी ‘ईगो’ के चलते पारित किया है, न कि जनता के हित में है।
