शिमला, सुरेंद्र राणा: शिमला में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने आदेश जारी कर SEHB सोसायटी वेलफेयर वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों की किसी भी प्रकार की हड़ताल और आंदोलन पर रोक लगा दी है।जारी आदेश के अनुसार, यूनियन ने 15 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की सूचना नगर निगम शिमला को दी थी। प्रशासन ने माना है कि यदि सफाई कर्मियों की हड़ताल होती है तो शहर में कूड़े का उठाव और निस्तारण पूरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा।आदेश में कहा गया है कि SEHB सोसायटी वर्ष 2010 से पूरे शिमला शहर में घर-घर कूड़ा संग्रहण और निस्तारण का कार्य कर रही है। ऐसे में पर्यटन सीजन के दौरान हड़ताल से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।जिला दंडाधिकारी ने हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम, 1973 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार के आंदोलन, कार्य बहिष्कार या ड्यूटी से अनुपस्थित न रहें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।प्रशासन की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।
