शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष और केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही, RDG और केंद्र से मिलने वाली मदद को लेकर तीखे सवाल उठाए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर कहा कि राज्यपाल चाहे पूरा बजट पढ़ें या दो मिनट में समाप्त करें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। असल महत्व इस बात का है कि बजट विधानसभा में प्रस्तुत हो।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस विधायकों पर FIR दर्ज की गई थी, जो विधानसभा के नियमों और परंपराओं के खिलाफ थी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा के भीतर विधायकों पर इस तरह की कानूनी कार्रवाई लागू नहीं होती।
RDG (राजस्व घाटा अनुदान) को लेकर डिप्टी सीएम ने नेता प्रतिपक्ष से स्पष्ट रुख बताने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जानना चाहती है कि जयराम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर RDG के मुद्दे पर क्या बात की। उन्होंने कहा कि नागालैंड के बाद हिमाचल प्रदेश को सबसे ज्यादा RDG की जरूरत है, लेकिन अभी तक प्रदेश को प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये भी नहीं मिले हैं।
डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल को रेलवे और हवाई सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में भी कोई विशेष मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने विपक्ष को चेताते हुए कहा कि वह किसी भ्रम में न रहे, आने वाला वक्त तय करेगा कि सत्ता में कौन आता है।
