शिमला,सुरेन्द्र राणा: हिमाचल में सरकारी स्कूलों को राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड से सीबीएसई में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 29 नवंबर, 2025 तक उपलब्ध डाटा के अनुसार राज्य सरकार ने सीबीएसई पोर्टल पर कुल 100 सरकारी स्कूलों को अपलोड किया है। इनमें से अब तक 60 स्कूलों को एफीलिएशन मिल गई है। इनके लिए एफीलिएशन नंबर जारी हो गया है। शिक्षा विभाग के डाटा के अनुसार 60 सरकारी स्कूल अब सीबीएसई बोर्ड में ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जबकि 32 स्कूलों ने दूसरा चरण कंप्लीट कर दिया है। तीन स्कूल अभी दूसरा चरण कंप्लीट नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से सभी 100 स्कूलों को सरस 6.0 पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए यह कदम उठाया है। पहले चरण में 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में कन्वर्ट किया जा रहा है।इसका मुख्य मकसद यह है कि इन स्कूलों को बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी बनाया जा सके। राज्य सरकार इन स्कूलों के लिए अलग कैडर बनाने का विचार कर रही है। इन स्कूलों में भेजे जाने वाले शिक्षकों को फिर ट्रांसफर भी नहीं किया जाएगा। इन स्कूलों में तैनाती के लिए विकल्प लिए जाएंगे और परीक्षा के जरिए यह चयन होगा। विधानसभा का शीतकालीन सत्र पूरा होने के बाद होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस बारे में गाइडलाइन चर्चा के लिए लाई जाएगी। पहले चरण में बेशक 100 स्कूल चयनित हुए हों, लेकिन कई विधायक मुख्यमंत्री से अपने यहां और स्कूल सीबीएसई में लाने की मांग कर रहे हैं। इसलिए राज्य सरकार कुछ और स्कूल भी इसमें जोड़ सकती है। हालांकि राज्य सरकार के लिए भी मुख्य चुनौती इन स्कूलों के लिए शिक्षकों का चुनाव करना है। यह भी देखना होगा की वार्षिक रिजल्ट में स्कूल शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई में क्या अंतर रहता है?
