केन्द्र द्वारा भेजी गई राशि विकास एवं पुनर्वास कार्यों पर हो खर्च – बिंदल

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सिरमौर,देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ हुआ सेवा पखवाड़ा हिमाचल प्रदेश में सेवा के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 17 सितम्बर को 1900 यूनिट रक्त प्रदेश भर में दिया गया और उसके बाद स्थान-स्थान पर रक्तदान शिविर 25 सितम्बर तक चलेंगे। 18 सितम्बर को पूरे प्रदेश में 171 स्थानों पर स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम हुए। 18 सितम्बर से 25 सितम्बर के मध्य स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिरमौर जिला की पंजाहर पंचायत में एक मल्टी स्पेशियलटी हैल्थ कैम्प आयोजित किया गया जिसमें 250 से अधिक मरीजो का स्वास्थ्य जांचा गया। भाजपा द्वारा आयोजित व साई हाॅस्पिटल के डाॅक्टरों की मदद से लगाए गए इस हैल्थ कैम्प में मुख्य अतिथि के नात पहुंचे डाॅ. राजीव बिन्दल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने हैल्थ कैम्प की शुरूआत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक वर्षा के कारण 2023, 2024 व 2025 में जो प्राकृतिक आपदा आई उसमें नरेन्द्र भाई मोदी हिमाचल प्रदेश के जनमानस के साथ निरंतर खड़े हुए दिखाई दिए।
2023 से लेकर 2025 तक आपदा राहत व पुनर्वास व विकासात्मक गतिविधियों के लिए 5300 करोड़ रू0 हिमाचल प्रदेश सरकार को उपलब्ध करवाये गये और इसी माह मोदी जी हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करने के बाद धर्मशाला पहुंचे और प्रभावित परिवारों के साथ व्यक्तिगत वार्ता करते हुए उनका दुख दर्द साझा किया और प्रदेश की सरकार को आपदा राहत के लिए 1500 करोड़ रू0 उपलब्ध कराया। इस प्रकार 6800 करोड़ रू0, प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख मकान व अन्य मदों में अरबों रू0 की सहायता प्रदेश के विकास कार्यों के लिए की। इस प्रकार मोदी जी हृदय से, मन से हिमाचल प्रदेश के जनमानस के साथ खड़े हुए हैं।


डाॅ0 बिन्दल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार से यह अपेक्षा की कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा प्रदत पाई-पाई आपदा प्रभावित परिवारो को उपलब्ध करवाये। विकास कार्यों व पुनर्वास कार्यों को शीघ्र सुनिश्चित करे क्योंकि माकूल धनराशि केन्द्र द्वारा स्वीकृत कर दी गई है।
डाॅ. बिन्दल ने आगाह कि कि भाई-भतीजावाद करते हुए धन का दुरूपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह भी कहा कि प्रदेश सरकार अपनी धनराशि से भी राहत कार्यों व विकास कार्यों में धन का व्यय करे, क्योंकि अभी तक की जानकारी के अनुसार पिछले 3 वर्षों में केवल 300 करोड़ रू0 प्रदेश सरकार ने अपनी साधनों से खर्च किया है जो कि ऊंट के मुंह में जीरा है।

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