शिमला, सुरेन्द्र राणा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल दौरे को लेकर शनिवार को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने संबंधित विभागों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति 27 अप्रैल को शिमला आ रही हैं और दो मई को वापस लौटेंगी। इस दौरान वह लाहुल और पामलपुर भी जाएंगी। शिमला शहर में भी एक दिन आरट्रैक जाने का कार्यक्रम है। इस बार राष्ट्रपति ने रोहतांग की अटल टनल जाने की इच्छा जताई है, ताकि वह इंजीनियरिंग के इस बेजोड़ नमूने को समझ सकें। राष्ट्रपति सैन्य बल की सुप्रीम कमांडर भी हैं। वह 29 अप्रैल को शिमला से सिस्सु जाएंगी और करीब दो घंटे लगाकर इस टनल को देखेंगी। नार्थ पोर्टल पर बीआरओ उन्हें इस टनल पर एक प्रेजेंटेशन भी देगा।हिमालय की दुर्गम चोटियों के बीच बनी अटल टनल रोहतांग न सिर्फ भारत बल्कि विश्व स्तर पर आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है। लगभग 9.02 किलोमीटर लंबी यह सुरंग दुनिया की सबसे लंबी हाईवे टनल्स में से एक है, जो सालभर रोहतांग दर्रा के पार संपर्क सुनिश्चित करती है। समुद्र तल से करीब 10,000 फुट की ऊंचाई पर बनी इस सुरंग का निर्माण बेहद कठिन परिस्थितियों में किया गया। भारी बर्फबारी, हिमस्खलन, अत्यधिक ठंड और नाजुक भूगर्भीय संरचना ने इंजीनियरों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की। इसके बावजूद, सीमा सडक़ संगठन ने अत्याधुनिक तकनीकों और सटीक योजना के जरिए इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया।
राष्ट्रपति का हिमाचल प्रवास27 अप्रैल : – दोपहर 12 बजे दिल्ली से कल्याणी हेलिपैड मशोबरा में मुख्यमंत्री राष्ट्रपति की अगवानी करेंगे28 अप्रैल : – मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास में ही द्रौपदी मुर्मू विश्राम करेंगी29 अप्रैल : – राष्ट्रपति रोहतांग अटल टनल देखने शिमला से लाहुल जाएंगी। शाम को वापसी30 अप्रैल : – राष्ट्रपति शिमला से पालमपुर कृषि विवि के 17वें दीक्षांत समारोह के लिए कृषि विश्वविद्यालय जाएंगी। दोपहर बाद आरट्रैक शिमला का कार्यक्रमपहली मई : – राष्ट्रपति निवास मशोबरी में ऐट होम का आयोजन। मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारी शामिल होंगेदो मई : – सुबह 11 बजे कल्याणी हेलिपैड शिमला से दिल्ली के लिए रवानगी।
