हिमाचल में लॉटरी से प्रतिबंध हटाने को लेकर सरकार और विपक्ष में घमासान, राजीव बिंदल के आरोपों पर मंत्री राजेश धर्माणी का पलटवार

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सुक्खू सरकार के द्वारा प्रतिबंधित लॉटरी को फिर से शुरू करने के फैसले के बाद सियासी घमासान शुरू हो गया है। एक तरफ भाजपा लॉटरी को हिमाचल के युवाओं को नौकरी की जगह गुमराह करने का धोखा बता रही है और सत्ता में आने पर इसे बंद करने का ऐलान कर चुकी है। तो अब सुक्खू सरकार में तकनीकी शिक्षा एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने पलटवार किया है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि इसको लेकर कैबिनेट में चर्चा हुई है। हिमाचल में बहुत सारे लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे Dream11 इत्यादि में हिस्सा लेते हैं। इसके ऊपर हिमाचल सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। गैरकानूनी रूप से भी लोग सट्टे में बहुत सारा पैसा बर्बाद करते हैं। ऐसे में चर्चा की गई कि ऑनलाइन सट्टेबाज़ी से बचने के लिए अगर इसे लीगल किया जाएगा तो बेहतर रहेगा। इसी आधार पर इसे कैबिनेट में मंजूरी दी गई है।
राजेश धर्माणी ने बिंदल पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की पूर्व सरकार ने आर्थिक रूप से प्रदेश का भट्ठा बैठा दिया। सत्ता से जाते-जाते आर्थिक स्थिति को नजरअंदाज करते हुए ऐसे निर्णय लिए गए जिससे प्रदेश पर बोझ पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा के समय में उन्हें 15वें वित्त आयोग की ग्रांट और जीएसटी कंपनसेशन मिला। केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद प्रदेश को लोन से कोई राहत नहीं मिली। भाजपा सरकार ने केवल संसाधनों को लोटने का काम किया।

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