दिल्ली:कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद टीएन प्रतापन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 अप्रैल को दूरदर्शन पर राष्ट्र के नाम संबोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में इस संबोधन को आदर्श चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह संबोधन नारी शक्ति वंदन विधेयक (महिला आरक्षण संशोधन विधेयक) से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों के ठीक बाद आया था। भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने नाम लेकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कडग़म और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों की आलोचना की तथा उन्हें महिला आरक्षण के विरोधी बताते हुए मतदाताओं से जवाबदेही ठहराने की अपील की। याचिकाकर्ता टीएन प्रतापन का आरोप है कि सक्रिय चुनाव अवधि के दौरान सरकारी नियंत्रण वाले दूरदर्शन और संसद टीवी का इस्तेमाल विपक्षी दलों की आलोचना के लिए किया गया, जो आदर्श आचार संहिता का साफ उल्लंघन है। प्रतापन ने याचिका में आगे कहा कि चुनाव के दौरान पक्षपातपूर्ण राजनीतिक संदेश देने के लिए सरकारी प्लेटफाम्र्स का उपयोग आधिकारिक मशीनरी का दुरुपयोग है और यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(7) के तहत भ्रष्ट आचरण माना जा सकता है।
