शिमला, सुरेंद्र राणा: आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला में सफाई कर्मियों को चार महीने से वेतन न मिलने और कुछ सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ सीटू के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया।प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन पर श्रम कानूनों की अनदेखी का आरोप लगाया।प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से मुलाकात कर मजदूरों का लंबित वेतन तत्काल जारी करने और निकाले गए सुरक्षा कर्मियों की बहाली की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं, तो हड़ताल की जाएगी और अस्पताल की सफाई व अन्य व्यवस्थाएं ठप कर दी जाएंगी।विओ,,, सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि ने कहा कि मजदूरों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है, न छुट्टियां दी जा रही हैं और न ही पहचान पत्र या सैलरी स्लिप। उन्हें अर्जित, आकस्मिक, मेडिकल, राष्ट्रीय और साप्ताहिक अवकाश तक से वंचित रखा गया है। उनसे अतिरिक्त कार्य तो करवाया जाता है, पर उसका कोई भुगतान नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि मजदूरों को ईपीएफ और ईएसआई जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। साल में मिलने वाली दो वर्दियां भी नहीं दी गईं। यह सब हिमाचल प्रदेश सचिवालय और श्रमायुक्त कार्यालय की नाक के नीचे हो रहा है, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रम अधिकारी ठेकेदारों के साथ मिले हुए हैं और वेतन भुगतान अधिनियम 1936 की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। कहा कि जल्द श्रम कानूनों की पालन नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और अस्पताल में कामकाज पूरी तरह ठप किया जाएगा और बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
