चंबा: जिला चंबा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जारी कार्रवाई में मुंबई से चंबा तक फैले नशीली दवाओं के नेटवर्क की जांच में अहम खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी हरमीत सिंह वासी जुलहकड़ी चंबा ने अपने साथी मोहम्मद अहमद निवासी गोपालपुर जिला महाराजगंज उत्तर प्रदेश से कूरियर के माध्यम से पांच बॉक्स नकली दवाइयां बिना बिल के मंगवाई थीं। इन दवाओं का इस्तेमाल युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने के लिए किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि एक बॉक्स में 150 गोलियां पैक थीं और इस तरह कुल 750 गोलियों की खेप चंबा पहुंचाई गई। बरामद दवाओं में प्रेगाबालिन और टैपेंटाडोल जैसी नशे की लत लगाने वाली दवाएं शामिल थीं। यह मामला पहली दिसंबर, 2025 को सामने आया था, जब ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने चंबा के जुलहकड़ी क्षेत्र में हरमीत सिंह के घर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की थीं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए विभाग ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मुंबई कनेक्शन का पर्दाफाश किया और वहां से मोहम्मद अहमद को गिरफ्तार किया, जो इस सप्लाई चेन का अहम कड़ी था। ड्रग्स कंट्रोल विभाग के अनुसार यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। मुंबई से नशीली दवाओं की खेप कूरियर के माध्यम से चंबा भेजी जाती थी, जहां इन्हें स्थानीय स्तर पर युवाओं को बेचा जाता था। ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर के नेतृत्व में चलाई गई इस कार्रवाई में चंबा पुलिस का भी सहयोग रहा। विभाग ने साफ किया है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।
