मणिपुर में हिंसा की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को मणिपुर में फ्री मूवमेंट के पहले दिन हिंसा भडक़ उठी। शनिवार को इंफाल-दीमापुर हाईवे पर कुकी समुदाय और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 27 जवान घायल हो गए। यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मणिपुर में सभी वाहनों की आवाजाही को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद हुई। स्थानीय लोगों ने इस निर्देश का विरोध किया। इससे तनाव बढ़ गया। कानपोकपी में एनएच-2 के आसपास के इलाकों में कफ्र्यू लगा दिया गया है।
कुकी और मैतेई बहुल इलाकों में करीब दो साल बाद फ्री ट्रैफिक मूवमेंट शुरू होते ही हिंसा भडक़ उठी। इंफाल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, विष्णुपुर और सेनापति को जोडऩे वाली सडक़ों पर शनिवार को जैसे ही बसें चलनी शुरू हुईं, कुकी समुदाय के लोगों नेइसका विरोध करना शुरू कर दिया। मृतक की पहचान लालगौथांग सिंगसिट (30 साल) के रूप में हुई है। लालगौथांग झड़प के दौरान गोली लगने से घायल हुआ था।अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आवाजाही रोकने के लिए सडक़ों पर पत्थर बिछा दिए। बसों, कारों में आग लगा दी। हिंसा कर रहे लोगों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले दागे। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
सुरक्षाबल की कार्रवाई के बाद बाद नागरिकों की आवाजाही के लिए रूट साफ हो सका। रेड जोन वाले इलाकों में जगह-जगह सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। बता दें कि मणिपुर में करीब दो साल से संघर्ष देखने को मिल रहा है। हिंसा में 250 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। शनिवार को मैतेई और कुकी बहुल इलाकों में लोगों का फ्री मूवमेंट शुरू हुआ। पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे लेकर विशेष निर्देश दिए थे। शनिवार को दो रूट से आवागमन शुरू हुआ। मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने कहा कि राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हम सभी प्रयास कर रहे हैं। राजधानी इंफाल से चुराचांदपुर के बीच हेलिकॉप्टर सेवाएं 12 मार्च से शुरू होंगी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक आवागमन में बाधा डालने के किसी भी प्रयास पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
