पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा:मजदूर दिवस के मौके पर पंजाब विधानसभा में विशेष सत्र रखा गया था। इस सत्र में आम आदमी पार्टी के विधायकों को व्हिप भी जारी किया गया था। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि पार्टी के सभी विधायक सत्र के दौरान मौजूद हो। इस सत्र का उद्देश्य मजदूरों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करना बताया गया है। लेकिन यह सत्र कुछ ही देर में राजनीतिक विवादों और आरोप- प्रत्यारोप का मंच बन गया। कांग्रेस के नेताओं ने जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। इस दौरान सत्र के विशेष कहे जाने पर सवाल उठाए गए। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बार-बार विशेष सत्र बुलाने की बजाय नियमित सत्र होना चाहिए। उनका कहना था कि हर बार विशेष सत्र बुला लिया जाता है, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकलता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब तक आठ सत्र हो चुके हैं, लेकिन न तो प्रश्नकाल रखा गया और न ही शून्यकाल दिया जा रहा है। विधायकों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है। सदन की शुरुआत पर नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि नियमित सत्र बुलाया जाना चाहिए। हर बार विशेष सत्र बुला लिया जाता है, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकलता है। अब तक आठ सत्र हो चुके हैं। न तो प्रश्नकाल रखा गया है और न ही शून्यकाल दिया जा रहा है। विधायकों को बात रखने का समय नहीं मिल रहा है, क्योंकि कई मुद्दे हैं। सीएम भगवंत मान ने कहा कि विशेष सत्र पर सवाल उठाना गलत है।पिछले सत्र के दौरान बेअदबी के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था, जो राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू हो गया। जब कांग्रेस इस पर एतराज जता रही थी कि राष्ट्रपति को भेजना पड़ेगा। मानसून सत्र के दौरान पूरा टाइम देंगे, जितना समय चाहिए होगा तो आपको उस विधानसभा सत्र के दौरान देंगे। कांग्रेस विधायक खैरा के मोबाइल इस्तेमाल करने पर सीएम मान ने एतराज जताया है। वहीं कांग्रेस विधायकों ने सीएम पर गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि एक स्टेड हेड पर इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं। एल्कोमीटर मंगवाकर सभी सदस्यों का टेस्ट करवाया जाना चाहिए। इसे लेकर पक्ष विपक्ष में हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक प्रदर्शन करते हुए वेल के बीच आ गए। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर आप विधायकों ने विरोध किया। स्पीकर ने कहा कि किसी भी सदस्य के खिलाफ ऐसी कोई बात स्वीकार नहीं की जाए। कांग्रेस विधायकों ने इस बीच नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
