हिमाचल के पेंशनरों का 19 नवंबर को धर्मशाला विधानसभा घेराव आंदोलन

हिमाचल के 1.40 लाख पेंशनरों ने खोला मोर्चा, 12 से सड़कों पर उतरेंगे बुजुर्ग, 19 को धर्मशाला में विधानसभा का महा-घेराव!

Spread the love

​पंजाब दस्तक (सच की आवाज) | सुंदरनगर / मंडी
​हिमाचल प्रदेश के करीब 1 लाख 40 हजार पेंशनरों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। अपनी जायज मांगों और जीवन भर की कमाई के बकाए के लिए प्रदेश के बुजुर्गों ने सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति (PJAC) जिला मंडी की एक बेहद अहम बैठक संयोजक हेम सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में सुंदरनगर में संपन्न हुई।


​बैठक के बाद PJAC मंडी के संयोजक हेम सिंह ठाकुर ने ‘पंजाब दस्तक’ से खास बातचीत में पूरे आंदोलन की रूपरेखा और सरकार को दी गई अंतिम चेतावनी की विस्तृत जानकारी साझा की। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, मुख्य अतिथि व अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा, कांगड़ा संयोजक रविंद्र राणा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सेठ राम, शिमला संयोजक मोहन ठाकुर और प्रदेश मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी सहित प्रदेश भर के प्रमुख पेंशनर नेता विशेष रूप से मौजूद रहे।


​18 संगठनों का एकजुट प्रहार: 12 से 17 तक धरना, 19 को विधानसभा का घेराव
​समिति से जुड़े 18 बड़े पेंशनर संगठनों ने एक सुर में आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। निर्णय लिया गया है कि 12 से 17 नवंबर 2026 तक प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर रोजाना सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक जोरदार क्रमिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन 11 पेंशनर क्रमिक अनशन पर बैठेंगे और 50 से अधिक पेंशनर मौके पर डटे रहेंगे। वहीं 19 नवंबर 2026 को पूरे प्रदेश से हजारों पेंशनर धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में जुटेंगे, जहाँ विशाल रैली के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा।


​हाईकोर्ट के फैसले पर सरकार को सीधी चेतावनी: ‘SLP लाए तो सुप्रीम कोर्ट में ठोकेंगे कैविएट’
​बैठक में 30 अक्टूबर 2026 को आए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (मधु देशटा बनाम हिमाचल सरकार) का पुरजोर स्वागत किया गया। हेम सिंह ठाकुर ने बताया कि वक्ताओं ने आशंका जताई है कि सरकार इस फैसले को लागू करने से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (SLP) दायर करने की फिराक में है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाती है, तो प्रदेश के पेंशनर अपने हक की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में ‘कैविएट’ (Caveat) दाखिल करेंगे और सरकार को वहां भी मुंह की खानी पड़ेगी। वक्ताओं ने सरकार को फिजूलखर्ची बंद करने और हाईकोर्ट के आदेश को तुरंत लागू करने की सलाह दी।


​मुख्यमंत्री के बयानों पर हमला: ‘एक तरफ नया जिला, दूसरी तरफ खाली खजाना… यह कैसा विरोधाभास?’
​समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा व अन्य नेताओं ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री नए जिले बनाने का ऐलान कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पेंशनरों का हक देने के समय ‘खजाना खाली’ होने का रोना रोया जाता है, जो सरकार के दोहरे रवैये और विरोधाभास को दर्शाता है। छठे वेतन आयोग की देनदारियों और बकाए की अदायगी में लगातार आनाकानी की जा रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


​11 नवंबर का अल्टीमेटम: 17 सूत्री मांग पत्र पर तुरंत वार्ता बुलाए सरकार
​प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 11 नवंबर 2026 से पहले 17 सूत्री मांग पत्र पर संयुक्त संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को वार्ता के लिए बुलाया जाए। यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
​पेंशनर संगठन की मुख्य मांगों में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए प्रथम व द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत पेंशन एरियर, संशोधित ग्रेच्युटी तथा लीव इनकैशमेंट का अविलंब भुगतान करना शामिल है।

इसके साथ ही 1 जनवरी 2016 से आज तक का बकाया वेतन एरियर जारी करने और एचआरटीसी के पेंशनरों को अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समान 8 प्रतिशत महंगाई राहत देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग के एरियर की 50 हजार रुपये की पहली किश्त की तुरंत अदायगी करने, शहरी स्थानीय निकाय के पेंशनरों को 1 जनवरी 2016 के आधार पर पेंशन लागू करने तथा 18 कॉर्पोरेट सेक्टरों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 1999 की पेंशन अधिसूचना को पुनः बहाल कर पेंशन सुविधा प्रदान करने पर भी जोर दिया गया है।
​(यह संपूर्ण जानकारी हेम सिंह ठाकुर, संयोजक PJAC मंडी द्वारा ‘पंजाब दस्तक’ को दी गई है।)


​जन-हित में विशेष अपील:
हिमाचल प्रदेश की हर बड़ी खबर, पेंशनरों के हक की आवाज और बेबाक निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए अभी ‘पंजाब दस्तक’ को LIKE, SHARE, FOLLOW और SUBSCRIBE करें!
देखते रहें: पंजाब दस्तक — सच की आवाज!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *