Himachal pensioners meeting over pension arrears in Shimla

पेंशनरों के साथ फिर भद्दा मजाक: आधे घंटे की बैठक के बाद सुक्खू सरकार ने थमाया 15 व 30 फीसदी एरियर का ‘टुकड़ा’, सुरेश ठाकुर व भूपराम वर्मा ने बताया महज छलावा

Spread the love

​भूपराम वर्मा का बड़ा हमला: “यह जनरल हाउस नहीं था, फिर हॉल क्यों भरा? मुख्यमंत्री को फर्जी भीड़ दिखाने के लिए सेंट्रल व कॉरपोरेशन के लोगों को बैठाया, वीडियो में खुली पोल”


​सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
​शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के साथ आज हुई बहुचर्चित बैठक के तुरंत बाद पेंशन व पारिवारिक पेंशन के बकाए (एरियर) को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। हालांकि, लंबे इंतजार के बाद जारी इस आदेश ने पेंशनरों के रोष को शांत करने के बजाय और भड़का दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, 01 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को शेष बकाए का केवल 15 से 30 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाएगा, जिसका भुगतान सितंबर 2026 की पेंशन के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।


​सरकारी अधिसूचना के मुख्य बिंदु:
​तृतीय श्रेणी (Class-III): 01-01-2016 से 31-01-2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को आज की तिथि तक के कुल शेष बकाए (Balance Arrear) का 30% जारी होगा।
​प्रथम व द्वितीय श्रेणी (Class-I & II): इसी अवधि के दौरान सेवानिवृत्त हुए प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को उनके शेष बकाए का महज 15% भुगतान किया जाएगा।


​कटौतियों की लंबी फेहरिस्त: अधिसूचना के अनुसार, 2016 से 2018 के बीच दी गई अंतरिम राहत (IR) की 4 किस्तों और 2016 से 2021 तक स्वीकृत महंगाई राहत (DR) की 12 किस्तों को सकल एरियर से समायोजित (काटा) जाएगा। इसके अलावा यदि कोई अतिरिक्त राशि वसूली योग्य है, तो वह भी काटी जाएगी और केवल ‘शुद्ध राशि’ (Net Amount) ही खाते में आएगी।
​बैंकों को आदेश: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित सभी पेंशन वितरण प्राधिकरणों (PDAs) को निर्देश दिए गए हैं कि यह भुगतान सितंबर 2026 की पेंशन के साथ सुनिश्चित किया जाए।


​महज 30 मिनट में सिमटी बैठक, निकला ‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया’ जैसा नतीजा
​अधिसूचना से ठीक पहले पेंशनरों की मांगों को लेकर बुलाई गई बैठक सिर्फ एक रस्म अदायगी बनकर रह गई। यह बैठक मात्र आधा घंटा चली, जिसमें किसी भी गंभीर मुद्दे पर ठोस विमर्श नहीं हुआ। आधे घंटे की इस बैठक के फौरन बाद जारी हुई इस अधूरी अधिसूचना ने साबित कर दिया कि सरकार केवल औपचारिकता निभा रही है।


​भूपराम वर्मा का तीखा हमला: “यह कोई जनरल हाउस नहीं, बल्कि कार्यकारिणी की बैठक थी”
​बैठक के स्वरूप और उसकी सत्यता पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ पेंशनर नेता श्री भूप राम वर्मा जी ने बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह कोई ‘जनरल हाउस’ (आम सभा) नहीं था, बल्कि नियमतः इसमें केवल आधिकारिक कार्यकारिणी (Executive Body) के सदस्यों को ही शामिल होना चाहिए था। लेकिन उस स्वयंभू नेता ने मुख्यमंत्री जी की आंखों में धूल झोंकने और अपनी झूठी ताकत दिखाने के लिए जनरल हाउस की तरह पूरा हॉल भर दिया, ताकि वह मुख्यमंत्री जी को यह दिखा सके कि उसके पीछे बहुत बड़ी भीड़ खड़ी है।


​भूपराम वर्मा ने कहा, “हमने बैठक का पूरा वीडियो बारीकी से देखा है और सच्चाई पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उस हॉल में वास्तविक एग्जीक्यूटिव मेंबर्स कितने थे? कौन क्या है, इसका कोई अता-पता नहीं था। हालत यह थी कि एक-एक महकमे से 8-8 लोग लाकर बैठाए गए थे। कई कॉरपोरेशनों और सेंट्रल एंप्लॉइज (केंद्रीय कर्मचारियों) तक को लाकर कुर्सियों पर बिठा दिया गया था, जिनका इस राज्य स्तरीय पेंशनर मामले से कोई लेना-देना ही नहीं था। हम मुख्यमंत्री जी को यह पूरा सच और वीडियो के तथ्य दिखा सकते हैं कि किस तरह भीड़ जुटाकर यह आईवॉश किया गया।”


​उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि पेंशनरों के कुल 18 संगठनों में से उस स्वयंभू नेता के साथ कितने संगठन थे? क्या एचआरटीसी (HRTC), वन निगम (Forest Corporation), पुलिस महकमे या सचिवालय (Secretariat) जैसे प्रमुख विभागों के असली प्रतिनिधि वहां मौजूद थे? यह सब कुछ केवल कोरम पूरा करने और पेंशनरों के हक पर पर्दा डालने का सुनियोजित नाटक था।


​सुरेश ठाकुर और भूपराम वर्मा की दो-टूक: “अधूरी अधिसूचना कतई मंजूर नहीं, आंदोलन होगा तेज”
​वरिष्ठ पेंशनर नेता सुरेश ठाकुर और भूपराम वर्मा ने दो-टूक कहा कि उम्र के इस पड़ाव में पहुंच चुके पेंशनरों को किस्तों, प्रतिशत और भारी कटौतियों के जाल में उलझाकर सरकार अपने मूल दायित्व से नहीं बच सकती। भारी कटौतियों के बाद पेंशनरों के हाथ में नाममात्र का पैसा ही आएगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पेंशनरों की मुख्य व पूर्ण मांगों को दरकिनार कर जारी किया गया यह आधा-अधूरा फैसला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हक की बहाली तक संघर्ष पूरी ताकत से जारी रहेगा।


​ऐसी ही सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’। पेज को फॉलो करें और खबरों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। अपनी समस्या या खबर हमारे पास भेजें, हम आपकी आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *