सुनवाई से पहले स्वास्थ्य सचिव के छुट्टी जाने पर हाईकोर्ट नाराज, रिकॉर्ड तलब, जानें पूरा मामला

Spread the love

शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल हाईकोर्ट ने आयुष्मान भारत एवं हिमकेयर योजना के तहत लंबित भुगतान से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार और जन स्वास्थ्य योजनाओं के कार्यान्वयन में देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने नाराजगी जताई कि प्रतिवादी स्वास्थ्य सचिव सुनवाई से ठीक एक दिन पहले 9 से 18 अप्रैल तक की छुट्टी पर चले गए, वह भी बिना किसी छूट आवेदन के। कोर्ट ने टिप्पणी की कि एक उच्च पदस्थ अधिकारी से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं की जाती, खासकर तब जब अदालत के आदेशों का अनुपालन लंबित हो। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह अगली सुनवाई तक सभी निजी अस्पतालों और संस्थानों का पूरा रिकॉर्ड पेश करे। इसमें अस्पतालों के बिल जमा करने की तारीख और विवरण, बिलों की स्वीकृति या अस्वीकृति का स्पष्ट कारण, स्वीकृत बिलों की कुल राशि और बकाये का भुगतान की जानकारी दी जाए।निर्धारित समय सीमा के भीतर बिल पास न होने के कारण अस्पतालों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के विवरण की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। अदालत ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई पर स्वास्थ्य सचिव और अन्य संबंधित उच्चाधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहें। कोर्ट को बताया गया कि योजना का खर्च केंद्र और राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में साझा किया जाता है। हिमाचल के करीब पांच लाख परिवारों के लिए केंद्र की देनदारी 49.71 करोड़ और राज्य की हिस्सेदारी 5.52 करोड़ रुपये बनती है। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह उन मामलों पर स्पष्टीकरण दें, जहां खर्च तय सीमा से अधिक हो जाता है, ताकि अस्पतालों के लंबित बिलों का भुगतान किया जा सके। सरकार की ओर से बताया गया कि हिमकेयर योजना के तहत लंबित बिलों के मामले में राज्य सरकार ने पैनल में शामिल निजी अस्पतालों की विजिलेंस जांच कराने पर विचार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *