नई दिल्ली/चंडीगढ़: केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न राज्यों को जारी किए गए आपदा राहत फंड (SDRF/NDRF) के आंकड़ों ने एक नई बहस छेड़ दी है। इन आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि पंजाब को मिलने वाली राहत राशि, पड़ोसी राज्यों और देश के अन्य बड़े राज्यों के मुकाबले काफी कम रही है। जहां पंजाब को 3 साल में महज 1340 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, वहीं पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश को इससे दोगुना और उत्तर प्रदेश को चार गुना से भी अधिक का फंड मिला है।
राहत राशि का राज्यवार पूरा ब्यौरा (करोड़ रुपये में):
केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए जारी किया गया बजट इस प्रकार है:
महाराष्ट्र: 8532.00 करोड़ रुपये
कर्नाटक: 6500.67 करोड़ रुपये
मध्य प्रदेश: 4820.80 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश: 4398.15 करोड़ रुपये
ओडिशा: 4293.89 करोड़ रुपये
राजस्थान: 3937.46 करोड़ रुपये
बिहार: 3749.60 करोड़ रुपये
आंध्र प्रदेश: 3020.10 करोड़ रुपये
पश्चिम बंगाल: 2762.37 करोड़ रुपये
हिमाचल प्रदेश: 2167.67 करोड़ रुपये (पंजाब से सीधा दोगुना)
पंजाब: 1340.00 करोड़ रुपये
हरियाणा: 1301.60 करोड़ रुपये
पंजाब बनाम अन्य राज्य: आंकड़ों की जुबानी
आंकड़ों पर गौर करें तो पंजाब के मुकाबले पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश को केंद्र से कहीं अधिक तवज्जो मिली है। हिमाचल को करीब 2167.67 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जो पंजाब के मुकाबले लगभग दोगुना है। वहीं, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को 4398.15 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड मिला है, जो पंजाब की तुलना में चार गुना से भी ज्यादा बैठता है।
हैरानी की बात यह है कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होने के बावजूद पंजाब का हिस्सा कई अन्य राज्यों के मुकाबले काफी सीमित रहा है। केंद्र द्वारा जारी इस फंड का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों को तत्काल आर्थिक सहायता पहुंचाना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। पंजाब को मिले इस कम बजट के बाद अब राज्य की आपदा प्रबंधन रणनीति और केंद्र से मिलने वाली सहायता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
