पंजाब दस्तक, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज सुबह उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को पुलिस ने बीच सड़क पर रोक लिया। बैंस ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस और प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बताया जा रहा है कि युद्धवीर सिंह बैंस किसी जरूरी काम से अपनी गाड़ी में जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इस दौरान बैंस ने मौके पर ही पुलिस से सवाल किया कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका जा रहा है।
पुलिसकर्मियों ने जवाब में कहा कि उन्हें “ऊपर से आदेश” मिले हैं। इस पर बैंस ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) में शिकायत दी है, जिसके चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मौके पर बैंस ने यहां तक कहा कि पुलिस उन्हें अगवा करने की कोशिश कर रही है और अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें अस्पताल जाना है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रोका गया।
घटना के बाद बैंस ने अपने फेसबुक पोस्ट में भी प्रदेश सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली हुई है, इसके बावजूद पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही है।
बैंस के मुताबिक, 7 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद से ही पुलिस उनके पीछे लगी हुई थी और उन्हें उनके वकील के चैंबर और कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के बाहर भी रोका गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 8 अप्रैल को एक होटल में उनके बेटे और वकील से भी पुलिस ने पूछताछ की।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस या सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन घटना ने शिमला में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
