शिमला, सुरेंद्र राणा;हिमाचल प्रदेश में असमय बर्फबारी और बारिश से सेब, गेहूं समेत अन्य फसलों पर संकट खड़ा हो गया है। इससे जहां राज्य में सेब की फसल को नुकसान हो रहा है, वहीं गेहूं और रबी की अन्य फसलों पर भी संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार के कृषि और बागवानी निदेशालयों ने इस संबंध में फील्ड से रिपोर्ट मांगी है। मौसम के बिगड़े मिजाज का सीधा असर कृषि व बागवानी पर हो रहा है। विशेषकर सेब की फसल पर पड़ा है।
इन दिनों फ्लावरिंग और सेटिंग का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है, जिसमें 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है, लेकिन बर्फबारी और लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इससे फूलों के विकास पर असर पड़ रहा है। वहीं, बारिश के कारण सेब के फूलों पर परागण धुलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बागवानों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो फसल को करीब 10 फीसदी तक नुकसान हो सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन बागवानी विभाग की ओर से फील्ड में निरीक्षण के बाद ही किया जाएगा।हमीरपुर जिले में दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और ओलावृष्टि से आम-लीची सहित अन्य फलदार पौधों के फूल झड़ गए हैं। वहीं, बारिश से गेहूं की फसल पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। कई जगह तेज बारिश और हवा से फसल खेतों में बिछ गई है जिससे उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। जिले में 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हुई है।
