कर्मचारियों को रोबोटिक सर्जरी पर मिलेगी पूरी रिइंबर्समेंट, प्रश्नकाल के दौरान CM ने किया ऐलान

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शिमला, सुरेंद्र राणा: रोबोटिक सर्जरी पर प्रदेश के कर्मचारियों को पूरी रिइंबर्समेंट मिलेगी, वहीं हिमकेयर में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने पर भविष्य में सरकार विचार करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान ये घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए स्टाफ नर्स व ओटीए को ट्रेनिंग दी गई है, जबकि पहले चरण में डाक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। रोबोटिक मशीन वाली संबंधित कंपनी ही इसका प्रशिक्षण देती है। अन्य स्टाफ को सरकार अपने खर्चे पर ट्रेनिंग देगी। नेरचौक मेडिकल कालेज में सबको ट्रेनिंग दी गई है और एक माह का एक और कोर्स भी करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी में एक ऑपरेशन का खर्च एक लाख रुपए आता है, जबकि प्राइवेट अस्पताल में यही खर्च पांच लाख से कम नहीं आता है। मुख्यमंत्री विधायक राकेश जम्वाल के अनुपूरक सवाल पर जवाब दे रहे थे। विधायक केवल सिंह पठानिया के अनुपूरक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल टेक्नोलॉजी में लगातार सुधार हो रहा है।रोबोटिक सर्जरी को लेकर डाक्टरों व स्टॉफ को एक्सपोजर विजिट पर भी भेजेंगे। विधायक विपिन सिंह परमार ने इस दौरान रोबोट मशीनों की टेंडर प्रक्रिया और हिमाचल प्रदेश मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन को लेकर सवाल उठाया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में दो कंपनियें ने भाग लिया, जिसके बाद तीन बार टेंडर हुआ और एक कंपनी डिस्क्वालिफाई हुई है। मशीन की पांच वर्ष मेंटेनेस है, जो एम्स का है, वहीं हिमाचल प्रदेश का है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेशन के तहत जो भी दवाइयां खरीदी गई है, वे स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा खरीदी गई हैं। विधायक राकेश जम्वाल के सप्लीमेंट पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत का पैकेज केंद्र के तय मानकों का है। हिमकेयर को प्रदेश में इसी आधार पर एडॉप्ट किया गया था। आने वाले समय में गरीब आदमी का भी ख्याल रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कालेजों के लिए एमआरआई मशीनें पहुंच गई है और अब इन्हें लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश में अभी पांच एमआरआई मशीनें ली गई हैं और ये केंद्र सरकार के उपक्रम से ली हैं। उन्होंने कहा कि गायनी, जीआई और यूरो तीन प्रकार की सर्जरी होती है। 20 डाक्टरों के साथ-साथ 16 स्टाफ नर्स और 10 ओटीए ट्रेंड हैं। गायनी सर्जरी शुरू होने से पहले ट्रेनिंग करवाई जाएगी।जो मशीन एम्स में होगी; वहीं लाएंगे, कॉस्ट नहीं देखेंगेमुख्यमंत्री सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के सवाल पर कहा कि रोबोटिक सर्जरी का नेता प्रतिपक्ष विरोध कर रहे हैं। सरकार की यही सोच है कि जो तकनीक एम्स में होगी, वही हिमाचल में लाएंगे और इसमें कॉस्ट नहीं देखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोबोटिक सर्जरी में 70 हजार की सबसिडी दे रही है, जबकि 30 हजार का खर्च मरीज से ले रहे हैं। दरअसल नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि रोबोटिक सर्जरी, उन्हीं के लिए होगी, जो एफोर्ट कर सकते हैं। गरीब लोगों के लिए नहीं। रोबोटिक मशीन के लिए टेंडर दो जगह का था, पांच में आप लगाने जा रहे है। उन्होंने कहा कि एक फैसले के तहत पांच जगह कर रहे हैं। गरीब लोगों के लिए उपयोग करना कठिन है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि दो मशीनों से प्रदेश चल सकता था, पांच की क्या वजह बनी।

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