शिमला: हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। पंजाब दस्तक चैनल के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा के साथ एक विशेष और जबरदस्त बातचीत के दौरान जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर और रिटायर्ड इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रधान मस्तराम बराक्टा (Mastram Bragta) तथा सचिवालय के पूर्व अनुभाग अधिकारी संत राम शर्मा ने अपनी भड़ास निकाली और सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया।
ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा के साथ बातचीत में मस्तराम बराक्टा के तीखे प्रहार
रिटायर्ड इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रधान मस्तराम बराक्टा ने ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा से बात करते हुए बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने पूर्व सरकार के उस चर्चित बयान पर तीखा पलटवार किया जिसमें कहा गया था कि “पेंशन चाहिए तो चुनाव लड़ें।” बराक्टा जी ने कहा कि सरकारों का यह अहंकारी रवैया प्रदेश के उन अधिकारियों का अपमान है जिन्होंने अपना पूरा जीवन विकास में लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक हक है जिसके लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
संत राम शर्मा का भावुक सवाल
सचिवालय से सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी संत राम शर्मा ने सुरेंद्र राणा के साथ बातचीत में बड़े ही भावुक लहजे में सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “हमें इस उम्र में यहाँ आने के लिए क्यों मजबूर किया गया है? इतनी भारी भीड़ और इस उम्र में बुजुर्गों को सड़कों पर खड़ा करने की क्या जरूरत थी?” उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी उम्र निष्ठा से काम करता है, लेकिन अंत में उसे अपने हक के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं।
पंजाब दस्तक चैनल पर सरकार को सीधी चेतावनी
दोनों ही वरिष्ठ अधिकारियों ने पंजाब दस्तक चैनल के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी कि बुजुर्गों के इस गुस्से और उनकी लाचारी को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा।
