पंजाब दस्तक
सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का चौड़ा मैदान आज प्रदेश भर से उमड़े पेंशनर्स के आक्रोश का गवाह बना। ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल रैली में 18 संगठनों ने एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई। हजारों की संख्या में पहुंचे सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के लिए हुंकार भरी।
14 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा और सरकार से बुलावा
पंजाब दस्तक से विशेष बातचीत में अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन 18 बड़े पेंशनर्स संगठनों का साझा मंच है। उन्होंने कहा:
14 सूत्रीय मांग पत्र: रैली में मुख्य रूप से 14 सूत्रीय मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पेंशनर्स की वित्तीय विसंगतियों से लेकर उनके सम्मान तक के गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
सरकार से संवाद की मांग: सुरेश ठाकुर ने जोर देकर कहा कि सरकार को इन 14 सूत्रीय मांगों पर चर्चा के लिए असली ज्वाइंट एक्शन कमेटी को वार्ता के लिए बुलाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उन मुट्ठी भर लोगों के बहकावे में न आए जो उन्हें गलत आंकड़े देकर गुमराह कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री को सीधी नसीहत: “सीआईडी रिपोर्ट देखें सरकार”
अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा:
असली ताकत: सरकार अपनी इंटेलिजेंस और सीआईडी से रिपोर्ट मंगवाए कि आज चौड़ा मैदान में पूरे प्रदेश के जिलों से कितने हजारों लोग पहुंचे हैं। यह भीड़ ही असली प्रतिनिधि संगठन की पहचान है।
बुजुर्गों का दर्द: उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि 80-90 साल के बुजुर्गों को इस उम्र में रैलियों में आने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। सरकार को सोचना चाहिए कि आखिर क्या मजबूरी है कि इतनी उम्र के लोग अपना हक मांगने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
1-1-2016 के मुद्दे और गंभीर प्रहार
रैली में मुख्य रूप से 1-1-2016 से लंबित एरियर और संशोधित पेंशन का मुद्दा छाया रहा। सुरेश ठाकुर ने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा:
हम सरकार के साथ हैं: पेंशनर्स सरकार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जो सरकार उनके काम करेगी और उन्हें सम्मान देगी, वे उसी के साथ खड़े होंगे।
”मुख्यमंत्री महोदय, 18 संगठनों का यह 14 सूत्रीय मांग पत्र हमारी जायज मांगों का दस्तावेज है। आप अपनी सीआईडी से पूछें कि आज पूरे हिमाचल से बुजुर्ग यहां क्यों जुटे हैं। गलत आंकड़े देने वालों से बचें, हमें वार्ता के लिए बुलाएं और जो हमारा काम करेगा, हम उसी के साथ हैं।” > — सुरेश ठाकुर, अध्यक्ष, ज्वाइंट एक्शन कमेटी
