पंजाब दस्तक: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में आज पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में सचिवालय रिटायर्ड पेंशनर्स संगठन के प्रधान और शिमला शहरी के प्रधान मदन शर्मा ने मुख्य रूप से मोर्चा संभालते हुए सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया।मदन शर्मा का सरकार पर सीधा हमलासचिवालय से बतौर डिप्टी सेक्रेटरी सेवानिवृत्त हुए मदन शर्मा ने विशेष बातचीत में स्पष्ट किया कि पेंशनर्स अब अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया:1-1-2016 से लंबित एरियर: मदन शर्मा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि साल 2016 से पेंशनर्स के हक का एरियर और संशोधित पेंशन के लाभ अभी तक नहीं दिए गए हैं, जो कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।दोहरी जिम्मेदारी के साथ संघर्ष: मदन शर्मा, जो सचिवालय और शिमला शहर दोनों स्तरों पर पेंशनर्स संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे।संयुक्त संघर्ष: उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान तमाम विभागों के पेंशनर्स एकजुट रहे और सरकार से जल्द से जल्द वित्तीय लाभ बहाल करने की मांग की।”हमने सचिवालय में रहकर प्रदेश की सेवा की है, और आज हमें अपने ही हक के लिए चौड़ा मैदान में ‘हल्ला बोल’ करना पड़ रहा है। 2016 से हमारे जो लाभ फाइलों में दबे हैं, उन्हें सरकार को तुरंत जारी करना होगा।”— मदन शर्मा, प्रधान, सचिवालय रिटायर्ड एवं शिमला शहरी पेंशनर्स
