शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर बढ़े टैक्स को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम बताया है।
प्रेस वार्ता में डॉ. बिंदल ने कहा कि डीजल पर टैक्स 10.40 रुपए से बढ़ाकर 15.40 रुपए प्रति लीटर किया गया है, जो सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार 2022 में बड़े वादों के साथ सत्ता में आई, लेकिन अब लगातार टैक्स बढ़ाकर जनता को महंगाई की मार झेलने पर मजबूर कर रही है।
बिंदल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसके चलते बस, टैक्सी और ट्रक किराए में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा कृषि, सिंचाई और बागवानी से जुड़े खर्च भी बढ़ेंगे, जबकि पर्यटन उद्योग पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। डॉ. बिंदल के मुताबिक, पिछले 40 महीनों में सरकार ने करीब चार हज़ार करोड़ टैक्स के रूप में जनता से वसूले हैं और अब बढ़े हुए टैक्स से लगभग 2 हज़ार करोड़ और जुटाने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली, पानी, राशन, स्टांप ड्यूटी और सीमेंट के दाम बढ़ाकर आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बजट को लेकर भी भाजपा ने सवाल उठाए हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि राज्य का बजट घटाकर 54,928 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो विकास को प्रभावित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में केंद्र सरकार की योजनाओं को ही दोहराया गया है और राज्य की अपनी कोई स्पष्ट नीति या विजन नजर नहीं आता। इसके अलावा एंट्री टैक्स लागू करने को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की और कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पड़ोसी राज्यों के मुकाबले हिमाचल में ईंधन महंगा होने से तस्करी और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा इन फैसलों के खिलाफ जनता की आवाज बनेगी और सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रखेगी। उन्होंने बजट को “जनविरोधी और विनाशकारी” करार देते हुए कहा कि सरकार ने राहत देने के बजाय जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया है।
