चंबा, ओमांश:टीम सेवा हिमालय की ओर से सलूणी व बनीखेत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस संवाद कार्यक्रम के माध्यम से बुजुर्गों को डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाए गए ताकि वे बिना किसी भय के आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सकें। सत्र के दौरान टीम के विशेषज्ञों ने पेंशनधारकों को वर्तमान में प्रचलित ठगी के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट जैसे नए और खौफनाक ट्रेंड पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें ठग खुद को जांच अधिकारी बताकर लोगों को घर में ही डिजिटल कैद होने का डर दिखाते हैं। बनीखेत में सेवा हिमालय की ओर से शुभम ने बताया कि कोई भी सरकारी संस्था या बैंक वीडियो काल के जरिए इस तरह की कार्रवाई नहीं करता है।इसके अलावा ओटीपी फ्राड, फर्जी केवाईसी अपडेट और बैंक प्रतिनिधि बनकर आने वाली संदिग्ध काल्स से बचने की चेतावनी भी दी गई। स्मार्टफोन के सुरक्षित उपयोग के व्यावहारिक सुझाव दिए। वहीं, सलूणी में आयोजित कार्यक्रम में कुलदीप ने कहा कि मोबाइल एप्प को इंस्टाल करते समय कैमरा, गैलरी और कांटेक्ट्स की अनावश्यक परमिशन न दें। फोन की सुरक्षा सेटिंग्स को समय-समय पर जांचें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। व्हाटसएप पर अनजान नंबरों से आने वाली फाइलों या लिंक को न खोलें। चर्चा के दौरान कई पेंशनधारकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्हें या उनके परिचितों को डिजिटल ठगी का निशाना बनाने की कोशिश की गई। सेवा हिमालय टीम ने इन अनुभवों के आधार पर उन्हें समझाया कि सतर्कता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।
