सोलन , उमांशी, बद्दी व बरोटीवाला के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं है। दोनों प्लांट के पास अभी भी करीब 400 मीट्रिक टन गैस टैंकों में पड़ी है, जो पूरे प्रदेश के लिए तीन दिन में सिलिंडर सप्लाई कर देगी। वहीं उन्हें लगातार सप्लाई भी पहुंच रही है। हालांकि, अभी दोनों प्लांटों में व्यावसायिक सिलिंडरों को नहीं भरा जा रहा है। केवल स्कूल में मिड-डे मील व अस्पतालों के लिए सिलिंडर भरे जा रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों के भरने पर रोक के बाद यहां पर 20 फीसदी गैस की बचत हो रही है, जो घरेलू गैस सिलिंडरों में भरी जा रही है।बद्दी के जुड्डी कलां व बरोटीवाला के टिपरा में एलपीजी के बॉटलिंग प्लांट है। अभी यहां पर एलपीजी गैस मांग के अनुसार आ रही है। बद्दी में पहले 35 व टिपरा में 8 ट्रक हर रोज गैस सिलिंडरों के जाते थे। अब व्यवसायिक सिलिंडरों की रिफिलिंग पर रोक लगने से बद्दी में 28 व बरोटीवाला में 6 ट्रक ही भरे जा रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों पर रोक लगने के बाद रोजाना 9 ट्रक गैस की बचत हो रही है। सिलिंडरों की ब्लैक मार्केटिंग न हो, इसके लिए मांग के अनुसार ही सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। अतिरिक्त कोई भी सिलिंडर प्लांट से नहीं भेजा रहा है।
गैस प्लांट के प्रबंधकों ने बताया कि अभी व्यवसायिक सिलिंडर भरने की पूरी तरह से पाबंदी है। केवल स्कूल, काॅलेज व अस्पताल की मांग पर उन्हें भरा जा रहा है। इसके अलावा उद्योगों व संस्थानों के लिए सप्लाई को नहीं भेजा जा रहा। नए आदेश आते ही सप्लाई को चालू कर दिया जाएगा।
