शिमला, सुरेन्द्र राणा: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी मित्र मंडली के मोह में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सांविधानिक व्यवस्थाओं की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। शिमला नगर निगम में जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि सीधे तौर पर जनमत का अपमान है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने एक खास मित्र को लंबे समय तक सत्ता के गलियारों में एडजेस्ट करने और उन्हें सत्तासुख दिलाने की खातिर पहले तो लोकतांत्रिक ढांचे का गला घोंटते हुए संविधान की धज्जियां उड़ाईं और अब मनमाने ढंग से नगर निगम की कार्यवाही को संचालित कर रहे हैं। भाजपा पार्षदों को जिस अलोकतांत्रिक और असांविधानिक तरीके से सदन से बाहर निकाला गया, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार विपक्ष की तार्किक आवाज और जनता के सवालों से भयभीत है।
नेता विपक्ष ने इस कदम को पूरी तरह से असांविधानिक करार देते हुए कहा किया कि भाजपा इस प्रकार की दमनकारी नीतियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार को महिला विरोधी मानसिकता वाली सरकार बताया। उन्होंने एक गंभीर सांविधानिक प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि स्थापित नियमों और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार, शिमला नगर निगम में मेयर का पद ढाई साल के कार्यकाल के बाद महिला के लिए अवसर बनना था लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने मित्र की कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए नियमों की बलि चढ़ा दी। यह कदम न केवल नियमों में बदलाव है, बल्कि उन तमाम पात्र महिला पार्षदों के अधिकारों पर डकैती है जो मेयर पद की गरिमा संभालने की योग्यता रखती थीं।
