पंजाब दस्तक ## सावधान! घर की दहलीज पार करते ही आपके जूते बन रहे हैं ‘साइलेंट किलर’, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला सुरेंद्र
सुरेंद्र राणा चंडीगढ़/धर्मशाला: हम अक्सर बाहर से आते ही जूते पहनकर घर के कमरों या किचन तक चले जाते हैं। दिखने में यह एक सामान्य सी आदत लग सकती है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। हालिया वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि आपके जूतों के तलवे घर के फर्श से भी कहीं ज्यादा गंदे होते हैं और वे बीमारियों के ‘साइलेंट कैरियर’ हैं।यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना की रिसर्च में चौंकाने वाला सचजूतों से होने वाले खतरों पर यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना (University of Arizona) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने एक विस्तृत शोध किया है। इस रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. चार्ल्स गेर्बा (Dr. Charles Gerba) के अनुसार, एक जोड़ी जूते के तलवों पर औसतन 4,21,000 बैक्टीरिया पाए जाते हैं। शोध में पाया गया कि जूतों के बाहरी हिस्से पर पाए जाने वाले बैक्टीरिया में से 96% बैक्टीरिया सीधे तौर पर मल (Fecal matter) से संबंधित होते हैं, जो सार्वजनिक शौचालयों या बाहर की सड़कों से जूतों में चिपक जाते हैं।घातक बैक्टीरिया और उनका असरशोधकर्ताओं ने पाया कि जूतों के जरिए मुख्य रूप से दो खतरनाक बैक्टीरिया घर में प्रवेश करते हैं:Escherichia coli (E. coli): यह पाचन तंत्र में संक्रमण, गंभीर दस्त और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का कारण बनता है।Klebsiella pneumoniae: यह बैक्टीरिया फेफड़ों पर हमला करता है और निमोनिया जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।क्यों खतरनाक है घर के अंदर जूते पहनना?टॉक्सिक रसायनों का प्रवेश: सड़कों पर डामर (Coal Tar), बगीचों में छिड़के गए कीटनाशक और भारी धातुएं (जैसे लेड) जूतों के जरिए फर्श पर फैल जाती हैं।बच्चों के लिए बड़ा खतरा: घर में छोटे बच्चे अक्सर फर्श पर खेलते हैं और खिलौने या हाथ मुँह में डालते हैं। जूतों के साथ आई यह सूक्ष्म गंदगी उनके कमजोर इम्यून सिस्टम के लिए बेहद घातक है।धूल और एलर्जी: बाहर से आने वाले पराग कण (Pollen) जूतों के जरिए घर की हवा को प्रदूषित करते हैं, जिससे अस्थमा के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है।बचाव के लिए क्या करें?स्वास्थ्य विशेषज्ञों और इस रिपोर्ट का निष्कर्ष यही है कि अपनी जीवनशैली में छोटा सा बदलाव लाकर आप बड़े खर्चों और बीमारियों से बच सकते हैं। घर के मुख्य द्वार के बाहर ही जूते उतारने की परंपरा को सख्ती से अपनाएं और घर के अंदर के लिए अलग से साफ चप्पलें रखें।’पंजाब दस्तक’ अपने पाठकों से अपील करता है कि जूतों को घर की दहलीज के बाहर ही रखें और अपने आशियाने को कीटाणु मुक्त बनाएं।
