पंजाब दस्तक विशेष: “गरीब की थाली और मध्यम वर्ग की खुशहाली का बजट”विशेष विश्लेषण:
सुरेंद्र राणा: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026-27 को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की कसौटी पर खरा बताते हुए इसे देश के गरीब, वंचित और मध्यम वर्ग को समर्पित किया है। ‘पंजाब दस्तक’ के माध्यम से देश के आम आदमी तक संदेश पहुँचाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट की आत्मा में भारत का गांव और गरीब बसा है।गरीबों के लिए बजट के मुख्य आधार:किफायती आवास का सपना: प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि पीएम आवास योजना के विस्तार से अब हर गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत होगी। यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवार के सम्मान की गारंटी है।राशन और पोषण: पीएम ने कहा कि मुफ्त राशन योजना को निरंतरता देकर सरकार ने सुनिश्चित किया है कि देश का कोई भी परिवार भूखा न सोए।स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत योजना के दायरे को बढ़ाकर मध्यम वर्ग और बुजुर्गों को जो राहत दी गई है, उसे पीएम ने ‘स्वास्थ्य का वरदान’ बताया।रोजगार और कौशल: छोटे उद्योगों (MSMEs) को मिलने वाली मदद से गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।पीएम का विजन: “अभाव से प्रभाव की ओर”प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह बजट रेवड़ी संस्कृति के बजाय सशक्तिकरण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि जब गरीब सशक्त होता है, तभी देश तेजी से गरीबी से बाहर निकलता है। बजट में बिजली, पानी और गैस कनेक्शन जैसे बुनियादी सुधारों को गरीब की जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला बताया गया है।”यह बजट गरीब को सामर्थ्यवान बनाने और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पंख देने वाला है। हमारा लक्ष्य है कि विकास की मुख्यधारा में कोई भी पीछे न छूटे।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
