पंजाब दस्तक विशेष: “देश की वास्तविक चुनौतियों से आंखें मूंदने वाला बजट” — विपक्षविशेष कवरेज:
दिल्ली: सुरेंद्र राणा: केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होते ही राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां सत्ता पक्ष इसे ‘ऐतिहासिक’ बता रहा है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे पूरी तरह ‘निशानदेही से भटका हुआ’ करार दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट के प्रावधानों पर तीखे सवाल उठाए हैं।राहुल गांधी का हमला: “संकट के प्रति अंधा है यह बजट”राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को घेरते हुए कहा कि यह बजट देश की असली समस्याओं का समाधान करने में विफल रहा है। उनकी प्रतिक्रिया के मुख्य बिंदु:बेरोजगारी: राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के पास रोजगार नहीं है और बजट में इसके लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं दिखा।अर्थव्यवस्था पर प्रहार: उन्होंने गिरती मैन्युफैक्चरिंग, घरेलू बचत में कमी और निवेशकों के बाहर जाने पर चिंता जताई।किसानों की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि संकट का सामना कर रहे किसानों के लिए बजट में कोई राहत नहीं दी गई है।संसद में घेराव: राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “मैं कल संसद के मंच से इस बजट की खामियों पर विस्तार से अपनी बात रखूँगा।”मल्लिकार्जुन खड़गे: “कुर्सी बचाने और दोस्तों को खुश करने का बजट”कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को ‘निराशाजनक’ बताते हुए कहा:चुनिंदा लोगों का बजट: खड़गे ने आरोप लगाया कि यह बजट केवल प्रधानमंत्री के कुछ करीबी मित्रों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाया गया है।महंगाई और MSP: उन्होंने कहा कि आम आदमी महंगाई से त्रस्त है और किसानों को MSP की कानूनी गारंटी देने पर सरकार ने चुप्पी साध ली है।खोखले नारे: खड़गे के अनुसार, 12 साल बाद भी सरकार ‘विरासत’ के पीछे नहीं छिप सकती, क्योंकि मौजूदा आर्थिक बदहाली उनकी अपनी देन है।”यह बजट एक खोखले खिलौने जैसा है, जिसमें न आवाज है और न ही विजन। यह भारत की वास्तविक आर्थिक चुनौतियों के प्रति पूरी तरह आंखें मूंदे हुए है।” — राहुल गांधी, विपक्ष के नेता
