शिमला,सुरेन्द्र राणा: नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने फरवरी माह में होने वाली विधायक प्राथमिकता की बैठकों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भाजपा विधायकों की प्राथमिकताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि यदि पूर्व में तय की गई प्राथमिकताओं की डीपीआर और बजट स्वीकृतियों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो भाजपा के पास इन बैठकों का बहिष्कार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन भाजपा विधायकों द्वारा उठाई गई मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। न तो उनकी डीपीआर तैयार करवाई जा रही है और न ही वित्तीय स्वीकृति के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दलगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते विपक्ष को विधायक प्राथमिकता बैठकों के बहिष्कार के लिए मजबूर कर रही है।इस दौरान जयराम ठाकुर ने विधायकों की विधायक निधि और ऐच्छिक निधि रोके जाने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है जब विधायकों की ये निधियां रोकी गई हैं। प्रदेश इस समय आपदा के दौर से गुजर रहा है—कई जगह पेयजल योजनाएं ठप हैं, पुल टूटे पड़े हैं। ऐसे हालात में विधायक निधि आम लोगों के लिए राहत का एकमात्र सहारा होती है, जिससे आवश्यकता के अनुसार विकास कार्य कराए जा सकते हैं, लेकिन सरकार द्वारा उस पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे विधायकों के हाथ बंध गए हैं।
