कंगना रनौत का ‘मंडी मॉडल’: 1200 करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक बजट मंजूर, अफसरों को दी ‘ईमानदारी’ की नसीहत

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पंजाब दस्तक: विशेष समाचार
​सुरेंद्र राणा
​॥ कंगना रनौत का ‘मंडी मॉडल’: 1200 करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक बजट मंजूर, अफसरों को दी ‘ईमानदारी’ की नसीहत ॥

मंडी/दिल्ली: मंडी संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए सांसद कंगना रनौत ने एक ऐसी लकीर खींच दी है, जिसने विरोधियों के तमाम सवालों को शांत कर दिया है। केंद्र सरकार ने कंगना के प्रयासों पर मुहर लगाते हुए मंडी के लिए 1240.53 करोड़ रुपये के विशाल बजट को मंजूरी दे दी है। यह राशि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत उन क्षेत्रों की तकदीर बदलेगी जो वर्षों से पक्की सड़कों का इंतजार कर रहे थे।
​”मेरा काम बजट लाना, अफसरों का काम इसे जनता तक पहुंचाना”
​इस भारी-भरकम राशि की मंजूरी के बाद सांसद कंगना रनौत ने अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को स्पष्ट करते हुए अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा:
​”एक सांसद (MP) के नाते मेरा धर्म और जिम्मेदारी केंद्र से बजट लाना है, जिसे मैंने अपनी पूरी श्रद्धा, मेहनत और प्रभाव से पूरा किया है। अब मैं प्रशासन और अधिकारियों से यह उम्मीद करती हूं कि वे इस पैसे का सदुपयोग पूरी ईमानदारी से करें। यह पैसा सीधे उन गरीब लोगों और दूर-दराज के गांवों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। काम में सुस्ती या भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं होगी।”
​आपदा पर चुप्पी का काम से दिया जवाब
​राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जब आपदा के समय कंगना की भूमिका पर उंगलियां उठाई जा रही थीं, तब वे चुपचाप दिल्ली में मंडी के हक की लड़ाई लड़ रही थीं। आज यह 1240 करोड़ का बजट उन तमाम आलोचनाओं का सबसे बड़ा और ठोस जवाब बनकर उभरा है। कंगना रनौत ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल ‘नाम’ की सांसद नहीं हैं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने की इच्छाशक्ति रखती हैं। उन्होंने बजट लाकर अपना काम कर दिया है, अब अग्निपरीक्षा स्थानीय प्रशासन की है कि वे सांसद की इस मेहनत को कितनी जल्दी और ईमानदारी से जनता के काम में बदलते हैं।
​मंडी की नई तस्वीर: 142 सड़कें और 846 किमी का जाल
​विशाल लक्ष्य: कुल 142 सड़क परियोजनाओं के जरिए मंडी संसदीय क्षेत्र का कायाकल्प होगा।
​कनेक्टिविटी: लगभग 846.32 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण आधुनिक और आपदा-रोधी (Climate Resilient) तकनीक से किया जाएगा।
​अंतिम गांव तक पहुंच: 209 ग्रामीण बसावटों को मुख्य सड़क से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाया जाएगा।
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