शिमला, सुरेंद्र राणा: शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भी मंत्री या किसी भी भाजपा नेता के खिलाफ कोई विजिलेंस जांच नहीं करवाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिठ्ठियां आती है ये एक निरंतर प्रक्रिया है, जो पहले से चली आ रही है। इसे मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है। कई लोग बिना तथ्यों के आरोप लगाते हैं, लेकिन ऐसे आरोपों को मुद्दा बनाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी बड़ा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। सीएम ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि सत्ता के लालच वाले लोग अब पार्टी से बाहर जा चुके है। अब कांग्रेस में वो ही बचे है, जो सही मायनों में जनता की सेवा करना चाहते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर खुद को सर्वोपरि नेता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वह आए दिन इस तरह के बयान देते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने गतरोज एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री से उस वरिष्ठ मंत्री के नाम का खुलासा करने की मांग की थी, जिन्होंने कथित तौर पर सीएम को धमकी दी कि यदि उनके खिलाफ चल रही जांच नहीं रोकी गई, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। पूर्व सीएम ने कहा था कि कांग्रेस के भीतर अब एक-दूसरे को निपटाने का खेल सार्वजनिक रूप से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के बयान पर शुक्रवार को जबाव दिया है।
