शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे से शिमला वापस लौट गए हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के अहम मुद्दों को उठाया है जिसको लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने सहानुभूति विचार करने का आश्वासन दिया है।
शिमला लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों से राज्य के विभिन्न मसले उठाए गए है। सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने, राज्य के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपए की रेवेन्यू डेफिसिएट ग्रांट और पीएम मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए का पैकेज जल्द जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है जिस पर केंद्रीय मंत्रियों ने सहानुभूति पूर्व विचार करने की बात कही है।इस दौरान OPS से UPS पर जाने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने विचार करने की बात कही है लेकिन सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए ops नहीं दी है। हालांकि OPS लागू करने से सरकार को नुकसान हुआ है लेकिन यह कर्मचारियों का हक है। इसके अलावा GST से प्रदेश को हो रहे नुकसान पर भी केंद्रीय मंत्री से मुद्दा उठाया गया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की है। मुख्यमंत्री ने जल्द कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की बात कही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैबिनेट भी रिशफल की जाएगी।
वही इस मौके मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जनवरी को शिमला से दिल्ली ,गोवा के लिए रवाना किए गए चिल्ड्रन ऑफ स्टेट बच्चों के वापस लौटने पर आज उनसे मुलाकात की और बच्चों के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 75 लाख जनता का हिमाचल प्रदेश के संपदा पूरा अधिकार है जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित थी।सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर सुखाश्र्य जैसी योजनाओं को शुरू कर आम लोगों तक सरकारी संपदा पहुंचने का काम किया है।
