शिमला, सुरेंद्र राणा: शिमला के चलौंठी क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण के चलते कई भवनों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। टनल के अंदर हो रही ओवर/ब्लास्टिंग के कारण मकानों में दरारें आ गई हैं। हालात को देखते हुए बीती रात एक महिला के भवन को खाली करवाया गया, जबकि अन्य भवनों पर भी खतरा मंडरा रहा है। देर रात प्रभावित परिवारों को किसान भवन में शिफ्ट किया गया।
आज सुबह पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया, परिवारों से बातचीत की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री ने एनएचएआई अधिकारियों को प्रभावितों को तुरंत मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वे काफी समय से फोरलेन से प्रभावित लोगों की आवाज उठा रहे हैं और इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी बात की गई है। टनल निर्माण के दौरान हो रही ब्लास्टिंग से कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते 2 से 3 मकानों को खाली करवाया गया है। ऊपर स्थित अन्य मकानों पर भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने एनएचएआई को तुरंत मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि संजौली–ढली बाईपास में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिसके चलते उस मार्ग को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
वहीं प्रभावित परिवारों ने एनएचएआई पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें दीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
