शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-चार के दूसरे चरण का सर्वेक्षण आरंभ हो गया है। मंडल स्तर पर इस प्रक्रिया को युद्धस्तर पर चलाया गया है। सर्वेक्षण के में ऐसे गांवों को सडक़ से जोडऩे हेतु सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिनकी जनसंख्या अढ़ाई सौ से अधिक है और निर्माण हेतु किसी प्रकार का रोड़ा नहीं है। हालांकि पीएमजीएसवाई चार देश भर में अप्रैल माह से आरंभ होगी, जिसके लिए पीडब्लयूडी ने प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र को भेजे हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में मौजूदा समय में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-तीन के तहत विकास कार्य चल रहे है। वहीं अप्रैल माह से पीएमजीएसवाई-चार आरंभ होने जा रही है। योजना के पहले चरण में प्रदेश की 294 सडक़ों के प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को काफी समय पहले ही भेज दिए है, जिनकी स्वीकृति इस वित्त वर्ष में मिलने की लोक निर्माण विभाग को उम्मीद है। उधर, जानकारी मिली है कि लोक निर्माण विभाग ने डिवीजन स्तर पर पीएमजीएसवाई-चार के दूसरे चरण का सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया है। इस सर्वेक्षण के जरिए अढ़ाई सौ से अधिक की जनसंख्या वाले गांवों को दूसरे चरण में सडक़ सुविधा से जोडऩे का प्लान है।
पता चला है कि डिवीजन स्तर पर चले इस सर्वेक्षण में ऐसी सडक़ों के कार्य करने को लेकर सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिनके निर्माण के लिए किसी प्रकार की बाधा नहीं है। यानी कि सडक़ निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता है और निजी भूमि के बीच नहीं आने वाली है। इसके अलावा सडक़ निर्माण से पहले एफसीए से जुड़ी कोई औपचारिकता नहीं है। पता चला है कि दूसरे चरण के सर्वेक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने पूर्व तैयारी की है और इसी के तहत डिवीजन स्तर पर यह मुहिम आरंभ कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने सात सौ से अधिक ऐसे गांवों का चयन किया है, जो अभी तक सडक़ सुविधा से नहीं जुड़ पाए है। इनमें 250 तक की आबादी वाले 497 और 500 की जनसंख्या वाले ऐसे गांव शामिल हैं। बता दें कि देश में प्रधानमंत्री सडक़ योजना के तीसरे चरण की डेडलाइन केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2026 तय की है। इसके बाद पीएमजीएसवाई-चार देश भर में आरंभ होगी।
