कांगड़ा वैली कार्निवल: 2500 महिलाओं ने झमाकड़ा नृत्य से दिया एंटी-चिट्टा का सशक्त संदेश

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कांगड़ा, काजल;कांगड़ा वैली कार्निवल के दौरान नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। जिला कांगड़ा की 2500 से अधिक महिलाओं ने जिला की पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान झमाकड़ा नृत्य के माध्यम से एंटी-चिट्टा का सशक्त सामाजिक संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने ‘से नो टू चिट्टा’ कहा। यह कार्यक्रम एक मेगा कम्युनिटी डांस के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 18 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान इसमें हर खंड से 10 समूहों में लगभग 100-100 महिलाओं को आमंत्रित किया गया।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा कार्निवल को केवल मनोरंजन या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे समाज सुधार और जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पिछले छह दिनों में किए कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और नशे के विरुद्ध जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

पुलिस मैदान में आयोजित झमाकड़ा नृत्य की प्रस्तुति महिलाओं की रिहर्सल के लिए कोरियोग्राफर विशेष तौर पर हमीरपुर से धर्मशाला पहुंचे हैं। एंटी चिट्टा प्रस्तुति के दौरान कोरियोग्राफर शिप्रा वालिया और अविनाश राणा ने अपनी विशेष भूमिका निभाई। धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित की गई महानाटी में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। इस संदेश के माध्यम से काफी लोग प्रभावित होंगे। -तृप्ता देवी, देहरा

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