शिमला, सुरेन्द्र राणा:शिमला शहर में भीड़भाड़ को कम करने के मकसद से सरकार जाठिया देवी के पास नया शहर बसाने जा रही है जिसके लिए हिमुडा ने 282 बीघा जमीन भी अधिग्रहण कर ली है और आगे की प्रक्रिया जारी है।इस बीच जाठिया देवी के स्थानीय लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात कर हिमुडा द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन पर ही शहर बसाने का आग्रह किया है ताकि उनकी घर, खेती योग्य जमीन बची रहे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण का विधायक होने के नाते स्थानीय लोगों की बात को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा और हिमुडा द्वारा अधिग्रहण की गई जमीन के बाहर रिहायशी इलाकों से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। लोगों से उनकी अनुमति के बिना जमीनें नहीं ली जाएगी।विक्रमादित्य सिंह ने साफ कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जाठिया देवी के कुछ लोग उनसे मिले और अपनी आपत्तियां रखीं। इस पूरे मुद्दे पर जल्द ही एक जनरल हाउस मीटिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें वे स्वयं शामिल होंगे।मंत्री ने आश्वासन दिया कि पहले से अधिग्रहित भूमि पर ही काम किया जाएगा और रिहायशी क्षेत्रों, शमलात भूमि या किसानों की उपजाऊ जमीन पर स्थानीय सहमति के बिना कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। जनमत के साथ ही सरकार आगे बढ़ेगी और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना एक इंच जमीन नहीं ली जाएगी।
गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को लेकर जाठिया देवी और बागी पंचायत के स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। बागी पंचायत के तहत आने वाले आठ राजस्व गांवों की भूमि अधिग्रहण के दायरे में बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग 3000 बीघा से अधिक भूमि अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है, जबकि पहले चरण में यहां 119 फ्लैट, वन, टू और थ्री बीएचके फ्लैट्स के साथ विला और इको-रिजॉर्ट बनाने की योजना है।स्थानीय लोगोँ ने एकमत होकर निर्णय लिया है कि किसी भी कीमत पर इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं दी जाएगी।फिलहाल जाठिया देवी में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर सरकार और स्थानीय लोगों के बीच सहमति बनना बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में जनरल हाउस मीटिंग और आगे की बातचीत इस परियोजना की दिशा तय करेगी।
