नियुक्तियां रद्द, फिर भी सरकारी आवासों पर कब्जा, प्रदेश उच्च न्यायालय से सीपीएस को लेकर सरकार से मांगा जवाब

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शिमला, ब्यूरो; हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि कोर्ट द्वारा हटाए गए मुख्य संसदीय सचिव अभी भी संवैधानिक प्राधिकारियों के खर्चे पर सरकारी आवासों पर क्यों कब्जा किए हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ को सूचित किया गया कि मुख्य संसदीय सचिव, जिनकी नियुक्तियां हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दी गई हैं, अभी भी प्रमुख सरकारी आवासों पर कब्जा किए हुए हैं।

यह आवास हाईकोर्ट के निकट स्थित हैं और जिनका उपयोग उन न्यायाधीशों को आबंटित करने के लिए किया जा सकता है, जिन्हें लंबी दूरी से आना-जाना पड़ता है। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार के विशेष सचिव (सरकारी विभाग) को हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए जिसमें उक्त कब्जेदारो का विवरण और उनकी नियुक्तियां रद्द होने के बाद कब्जे की अवधि बताई गई हो। मामले पर सुनवाई 16 मार्च,2026 को निर्धारित की गई है।

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