धर्मशाला, अभय: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक विपिन सिंह परमार ने शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में घटित दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता की गंभीर कमी को उजागर करती है।विपिन सिंह परमार ने कहा कि वे शिमला में हुई इस घटना की दोनों पक्षों से कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। किसी भी परिस्थिति में हिंसा, अभद्र व्यवहार या मर्यादाओं का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं हो सकता। चाहे वह चिकित्सक हों या मरीज पक्ष—संयम, संवाद और कानून के दायरे में रहना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें केवल एक पक्ष का दृश्य सामने आया है, जिसमें डॉक्टर की कथित गलती दर्शाई जा रही है। लेकिन उससे पहले क्या हुआ, परिस्थितियां क्या थीं, विवाद की जड़ क्या थी—इस संबंध में कोई समग्र और निष्पक्ष तथ्य सामने नहीं आए हैं। ऐसे में बिना पूरी जांच के किसी एक पक्ष को दोषी ठहराना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि समाज में भ्रम और अविश्वास भी पैदा करता है।
