अर्की अग्निकांड स्थल का दौरा करने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुरसरकार की संवेदनहीनता उजागर, कांग्रेस की अंदरूनी कलह को बताया प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

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सोलन/अर्की, सुरेन्द्र राणा:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को अर्की में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ शिमला लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद सुरेश कश्यप भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं।जयराम ठाकुर ने स्थानीय भाजपा नेताओं के आग्रह पर उन साहसी युवाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर आग की लपटों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और त्वरित राहत कार्यों से कई लोगों की जान बचाई।इस हृदयविदारक घटना पर शोक व्यक्त करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जब 9 लोग अपने ही घरों में जिंदा जल गए, तो यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने कहा कि यह मंजर किसी को भी झकझोर देने वाला है।नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रवैये को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि पीड़ित भले ही दूसरे राज्यों के श्रमिक रहे हों, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी उनसे मुंह मोड़ने की नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आग लगने के दौरान फायर टेंडरों की संख्या कम क्यों थी और समय रहते आग पर काबू क्यों नहीं पाया जा सका, जिससे इतनी बड़ी जनहानि हुई।उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को सख्त सुरक्षा मानक तय करने होंगे और अग्निशमन ढांचे को मजबूत करना होगा।इस मौके पर जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी में चल रही अंदरूनी कलह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले दिन से कह रही थी कि सरकार और संगठन में भारी तालमेल की कमी है, जो अब खुले तौर पर सामने आ चुकी है। मंत्रियों के बीच चल रही आपसी खींचतान को उन्होंने प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।उन्होंने उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विभाग में उठ रहे कथित घोटालों पर उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या गलत करने वाले इतने शक्तिशाली हो चुके हैं कि सरकार कार्रवाई से डर रही है, या फिर सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की मौन सहमति इसमें शामिल है।नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल में चल रही यह वर्चस्व की लड़ाई स्वयं सरकार द्वारा लगाई गई आग है, जिसमें मंत्री एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं और मुख्यमंत्री मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब सरकार आपसी संघर्ष में उलझी रहेगी, तो जनहित और सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहेगी।जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को इस प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता का भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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