शिमला आरटीओ की कड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस, परमिट और वैध दस्तावेजों के चल रही बस जब्त; एचआरटीसी कार्यशाला में रखा गया वाहन

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन नियमों के कड़ाई से पालन हेतु शिमला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) शिमला विश्व मोहन देव चौहान के कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आज एक बड़ी कार्रवाई की गई। बस संख्या HP-63A-1964 को कई गंभीर उल्लंघनों के आधार पर तत्काल जब्त कर लिया गया है। जब्त किए गए वाहन को आगे के आदेशों तक एचआरटीसी (HRTC) कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।

जांच के दौरान निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं:

  1. वाहन मान्य फिटनेस प्रमाणपत्र तथा वैध परमिट के बिना चल रहा था।
  2. चालक अपना वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) प्रस्तुत करने में विफल रहा।
  3. वाहन का विशेष सड़क कर (Special Road Tax) बकाया पाया गया।
  4. यह भी पाया गया कि बस अपने परमिट में निर्धारित मार्ग से बाहर चल रही थी।

यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 207 के अंतर्गत की गई है, जिसे धारा 16(2) के प्रावधानों के साथ पढ़ा जाता है। धारा 16(2) के अनुसार बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी वाहन का सार्वजनिक स्थान पर संचालन वर्जित है। धारा 207 के अंतर्गत अधिकारियों को ऐसे वाहनों को, जो अनिवार्य परमिट या फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे हों, तत्काल जब्त करने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त, बकाया सड़क कर एवं परमिट शर्तों के उल्लंघन के लिए भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में विश्व मोहन देव चौहान, आरटीओ शिमला ने बताया कि, “बस HP-63A-1964 का संचालन यात्री सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय खतरा था। न केवल वाहन फिटनेस और परमिट विहीन था, बल्कि चालक के पास लाइसेंस और आरसी भी नहीं थे। साथ ही, बकाया सड़क कर और परमिट मार्ग से बाहर चलना यह साबित करता है कि यह एक व्यवस्थित उल्लंघन था। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब्त वाहन को एचआरटीसी कार्यशाला में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।”

आरटीओ शिमला ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे नियमित अभियान चलाए जाते रहेंगे। जनता से भी अनुरोध है कि यदि उन्हें कोई ऐसा वाहन दिखाई दे जो बिना उचित दस्तावेजों के चल रहा हो या असुरक्षित लगे, तो वे आरटीओ कार्यालय, शिमला को सूचित करें।

यह कार्रवाई राज्य की सड़कों पर कानून के शासन, राजस्व की सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के प्रति परिवहन विभाग के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

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