नई दिल्ली। देश में नए श्रम कानून (लेबर कोड) शुक्रवार से लागू हो गए हैं। इन कानूनों के लागू होने के बाद अब न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र, समान वेतन, सोशल सिक्योरिटी, ओवरटाइम पर डबल वेतन, फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट, जोखिम वाले कामों के लिए 100 प्रतिशत हेल्थ सिक्योरिटी जैसी गारंटियाँ सभी श्रमिकों को मिलेंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल एक साल नौकरी करने पर भी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का अधिकार मिल जाएगा। इसे श्रम व्यवस्था में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।श्रम मंत्री ने कहा कि नई श्रम संहिताएँ मजदूरों को बेहतर सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन की गारंटी देती हैं।
उन्होंने बताया कि अब वेतन में देरी, मनमानी और शोषण की गुंजाइश नहीं रहेगी। सभी कर्मचारियों को नौकरी ज्वॉइन करते ही नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। महिलाओं के लिए पुरुषों के बराबर वेतन का स्पष्ट नियम लागू होगा। कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी स्थायी कर्मचारियों जैसी सुरक्षा मिलेगी। 40 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी श्रमिकों का सालाना फ्री हेल्थ चेकअप भी अनिवार्य किया गया है। नए नियमों में जोखिम भरे सेवाक्षेत्रों में काम करने वालों को 100 प्रतिशत हेल्थ सिक्योरिटी देने का भी प्रावधान है।सरकार का कहना है कि देश के 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिकों के जीवन में यह सुधार एक ऐतिहासिक बदलाव लाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नई श्रम संहिताएँ विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। उन्होंने इसे मजदूरों के जीवन, सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने वाला बड़ा कदम बताया।
