शिमला, सुरेन्द्र राणा: प्रदेश में बदले मौसम के बीच न्यूनतम तापमान में कमी आने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों की सडक़ों पर पानी जमने लगा है। मनाली-लेह, दारचा-शिकुंला व कोकसर-लोसर मार्ग पर इस कारण फिसलन बढ़ गई है। यहां वाहनों की आवाजाही में भी कमी दर्ज हुई है। प्रदेश के 13 स्थानों में न्यूनतम तापमान दस डिग्री से कम रहा। केलांग, ताबो और कुकुमसेरी में पारा माइनस में रिकार्ड हुआ। हालांकि शनिवार को शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में धूप खिली रही। 13 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। हवा में ठंडक बरकरार है।सुंदरनगर में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहा। कुल्लू और लाहुल-स्पीति में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने कुंजम दर्रा व शिंकुला दर्रा होकर वाहनों के लिए समयसारिणी तय कर दी है। कोकसर से काजा की सुबह 9 बजे और दारचा से सुबह 10 बजे वाहनों को लेह के लिए छोड़ा जाएगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
