शिमला, सुरेन्द्र राणा:
राजधानी शिमला की सड़कें इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। शहर की मुख्य सड़कों से लेकर ऊपरी शिमला को जोड़ने वाले मार्गों तक जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं। एक तो धुंध की वजह से विजिबिलिटी कम है जिससे इन सड़कों पर सफर करना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है।
शहर के भीतर शोधी से ढली तक सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह संजौली से आईजीएमसी होकर लकड़बाजार तक जाने वाला मार्ग भी जगह-जगह से उखड़ा पड़ा है। छोटा शिमला, चक्कर बाईपास, टुटू, शोघी बाईपास, नाभा, खलीनी, समरहिल जैसी सड़कें भी गड्ढों से भर चुकी हैं।
ऊपरी शिमला को जोड़ने वाले राष्ट्रीय और राज्य मार्ग भी दयनीय स्थिति में हैं। कुफरी से फागू, ठियोग, मतियाना, नारकंडा तक एनएच और ठियोग से पुलवाहल सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। इसी तरह कोटखाई, जुब्बल, हाटकोटी, रोहड़ू और चौपाल की ओर जाने वाले मार्ग भी बुरी तरह से टूटे हुए हैं। रामपुर-बुशहर की ओर जाने वाले एनएच-5 पर कई स्थानों पर सड़क धंस चुकी है।
लोगों का कहना है कि इन गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं। वहीं ऊपरी शिमला के बागवानों ने कहा है कि सेब सीजन के बीच खराब सड़कों के कारण गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऊपरी शिमला विशेषकर जुब्बल कोटखाई के MLA एवं मंत्री रोहित ठाकुर से प्रार्थना की है कि समस्या का समाधान किया जाए।
लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि शहर और ऊपरी शिमला की सड़कों को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि हादसों से बचा जा सके और बागवानों को भी राहत मिल सके।
