9 मार्च मध्य रात्रि से थमेंगे HRTC बसों के पहिये, HRTC चालक परिचालक यूनियन की सरकार को चेतावनी।

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शिमला, सुरेंद्र राणा: HRTC ड्राइवर कंडक्टर यूनियन ने अब आर पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। आज यूनियन ने प्रबंधन व सरकार को 9 मार्च रात्रि तक का अल्टीमेटम दे दिया है। यूनियन ने नोटिस देकर एलान कर दिया है अगर उनकी मांगें नही मानी गयी तो 9 मार्च की मध्य रात्रि से चालक परिचालक हड़ताल के लिए चले जायेंगे। जिसके लिए सरकार उत्तरदायी होगी।गुरुवार को भी चालक परिचालक यूनियन ने पुराने बस अड्डे में HRTC मुख्यालय के समक्ष जमकर सरकार व प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोला। चालक परिचालक यूनियन ने सरकार व प्रबंधन को 6 मार्च तक का समय दिया था अब यूनियन ने प्रबंधन को नोटिस थमा कर रविवार 9 मार्च तक की अंतिम डेडलाइन दी है।

शिमला, सुरेंद्र राणा: एचआरटीसी चालक संघ के अध्यक्ष मानसिंह ने बताया कि यूनियन ने सरकार व प्रबंधन को 15 दिन का नोटिस दिया था जिसकी मियाद आज पूरी हो गयी है। सरकार व प्रबंधन के समक्ष उन्होंने अपनी मांगे रख दी है। एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों को 65 माह का ओवरटाइम, डीए का एरियर, 4-9-14 का एरियर और वर्ष 2016 पे कमीशन के एरियर की किस्त लंबित हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार लंबे समय उनकी लंबित देनदारियों को अदा नहीं कर रही है। वही मान सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 12 अक्टूबर 2024 को ऐलान किया था कि उनको 59 करोड रुपया दे दिया जाएगा। जबकि उनकी यह घोषणा झूठी साबित हुई है। मुख्यमंत्री ने बार बार झूठे वायदे किये और कोई देनदारियां उन्हें नही दी गयी।उन्होंने प्रबंधन को 15 दिन का नोटिस भी दिया जो आज पूरा हो गया है।अब प्रबंधन बोल रहा है कि 5 करोड़ रुपया आ गया है जबकि अब इस 5 करोड़ से बात नही बनेगी।उन्होंने कहा कि उनका ध्येय यह नही है कि वह हड़ताल पर जाएं।अब प्रबंधन व सरकार को 9 मार्च तक का समय दिया है।

इस बीच सरकार वार्ता के लिए बुलाती है तो ठीक है अन्यथा 72 घण्टों के लिए वह हड़ताल पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज प्रबंधन को नोटिस में साफ तौर पर बता दिया गया है कि एडवांस बुकिंग अब न ली जाये ।अगर लोगों को कोई दिक्कत होगी तो उसके लिए प्रबंधन व सरकार जिम्मेवार होगी।मान सिंह ठाकुर ने कहा कि आज सरकार व प्रबंधन को यह खुले मंच से चेतावनी दे दी गयी है अगर 9 मार्च तक उनकी मांगें नही मानी गयी तो 9 मार्च मध्य रात्रि 12 बजे से वह 72 घण्टों की हड़ताल पर चले जायेंगे।गर फिर भी मांगे नही मानी तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी पीछे नही हटेंगे।

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