पंजाब , सुरेन्द्र राणा: हरियाणा और पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच पर अपना फैसला टाल दिया है। किसानों ने केंद्र सरकार को एमएसपी के मुद्दे पर फैसला लेने के लिए 25 मार्च तक की मोहलत दी है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने इस दौरान राज्य सरकार को चेतावनी दे दी है कि किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जे न करें। उन्हें उचित मुआवजा दें। अभी हमारा ध्यान केंद्र की तरफ है। अगर किसी भी जिले में जबरदस्ती जमीन एक्वायर की, तो पंजाब सरकार की नाक में दम कर देंगे। सरवन सिंह पंधेर ने सोमवार को अमृतसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार को सोमवार को शुरू हुए सत्र को लंबा करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि सत्र को लंबा किया जाए और विदेश से लौटे युवाओं को गलत तरीकों से बाहर भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ, नशे के खिलाफ और पंजाब के अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा की जाए।
इसके साथ ही सीएम भगवंत मान के समक्ष मांग रखी कि उनकी 12 मांगों को लेकर सत्र में मत पास किया जाए और उसे केंद्र को दिया जाए। इस दौरान मंडी प्राइवटाइजेशन को लेकर जो केंद्र में बिल पास किया गया है, उसके खिलाफ भी मत पास कर केंद्र को भेजा जाए और मंडियों को प्राइवेट हाथों में जाने से रोका जाए। गौर हो कि रविवार को दोनों फोरम के नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के साथ बातचीत की और आगे की रणनीति पर चर्चा की थी, क्योंकि शनिवार को आंदोलनकारी किसानों और केंद्र के बीच चंडीगढ़ में हुई छठीं मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकल सका। अढ़ाई घंटे चली मीटिंग में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने केंद्र के सामने आंकड़े रखे। अब अगली मीटिंग 19 मार्च को चंडीगढ़ में ही होगी।
